मुख्यमंत्री द्वारा पौधरोपण को जन आन्दोलन बनाने पर बल
July 19th, 2019 | Post by :- | 163 Views

मण्डी, 19 जुलाई, 2019:– मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मण्डी जिला के पनारसा में आयोजित 70वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश में पौधरोपण को एक जन आन्दोलन बनाया जाना चाहिए तथा इसमें बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित बनाने के प्रयास होने चाहिए, ताकि वांछित परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष 25 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें औषधीय पौधे, चौड़ी पत्तियां वाले पौधे तथा फलदार पौधे भी रोपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य पांच दिन तक चलने वाले वन महोत्सव अभियान के दौरान प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे और यह कार्य केवल लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि इससे जहां वन सम्पदा बढ़ेगी, वहीं ग्रामीणों को अपने पशुधन के लिए पर्याप्त चारा भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में फल पौधे उगने से जंगली जानवरों को भी भोजन उपलब्ध होगा ताकि जंगली जानवरों के प्रकोप से ग्रामीण भी बचे रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापक पौधरोपण, प्रदेश के पर्यावरण में सन्तुलन बनाए रखने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है तथा कहा कि हम सबको मिलकर ऐसी प्रथाएं आरम्भ करनी चाहिए, जैसे कि फसलों को न जलाया जाना और मवेशियों से चरागाहों को पूरी तरह नष्ट न किया जाना। उन्होंने कहा कि संयम बरतते हुए सभी संसाधनों का उपयोग किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां का भविष्य भी सुरक्षित रह सके।

जय राम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का डेढ़ वर्ष का कार्यकाल बड़ा सफल रहा है और इस दौरान सरकार ने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं तथा अनेक नई योजनाएं आरम्भ करके लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने का प्रयास किया है।

अभी हाल ही में देश में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनावों में भाजपा को भारी समर्थन देने के लिए लोगों का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अप्रत्याशित जीत के कारण विपक्ष के नेता सदमें में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विपक्ष के नेताओं के अहम का लोगों ने उन्हें मुंहतोड़ जबाव दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों की सक्रिय भागीदारी के साथ सभी योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से लागू कर रही है तथा वन योजनाओं में भी किसानों को शामिल किया गया है ताकि उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ किया जा सके। विद्यार्थियों में जागरूकता लाने की दृष्टि से विद्यार्थी वन मित्र योजना आरम्भ की गई है, जिसके तहत स्कूल परिसरों में पौधरोपण के प्रति उन्हें प्रेरित किया जा रहा है तथा इन पौधों के रख-रखाव का जिम्मा भी उन्हें सौंपा गया है।

प्रदेश में वन विश्राम गृहों के बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित बनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं को इस तरह से विकसित किया जाना चाहिए ताकि प्रदेश में इको पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके तथा पर्यटक भी प्रदेश के प्राकृतिक वैभव का आनन्द भी उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने वन महोत्सव के अवसर पर अनार का पौधा भी लगाया तथा उन्होंने पौधरोपण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं को पुरस्कार भी प्रदान किए। उन्होंने इस अवसर पर वन विभाग के वन्य प्राणी विंग द्वारा प्रकाशित की गई एक पुस्तक का भी विमोचन किया।

41 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भूमि पूजन

मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व, लगभग 41 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का भूमि पूजन भी किया। इन परियोजनओं में मुख्यतः प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-1 एवं नवार्ड के तहत क्षेत्र में निर्मित की जाने वाली विभिन्न सड़कें शामिल हैं। उन्होंने पधर भरवाहं सड़क पर 610.36 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 19.75 मीटर लम्बे पुल की आधारशिला रखी। उन्होंने राजकीय डिग्री कॉलेज पनारसा में 5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कॉलेज भवन का भूमि पूजन भी किया।

मुख्यमंत्री ने बाद में, मण्डी तथा कुल्लू जिलों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन वितरित करने के कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारम्भ किया। आईसीडीएस के प्रथम चरण के इस कॉमन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर एप्प में 5 जिलों के 7645 आंगनबाड़ी केन्द्रों की 34 बाल विकास परियोजनाएं कवर की गई हैं तथा इसमें 6.52 लाख परिवार पंजीकृत किए गए हैं। अभियान के द्वितीय चरण में शेष 7 जिलों को भी कवर किया जाएगा, जिसमें 11280 आंगनबाड़ी केन्द्र शामिल किए जाएंगे।

जय राम ठाकुर ने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण में राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ब्लॉक स्तर तक यह सुविधा उपलब्ध करवाई है, जिसके तहत 7645 मोबाईल तथा 30580 ग्रोथ मोनिटरिंग डिवाइस प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस एप्प सुविधा से आंगनबाड़ी केन्द्रों में आवश्यक जानकारियां रखने में बड़ी सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नगवाईं को 50 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने की भी घोषणा की तथा क्षेत्र में 8 सड़कों के निर्माण के लिए 70 लाख रुपये, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, पनारसा में स्टेज के निर्माण के लिए 7 लाख रुपये, कोटधार हैलीपैड़ के लिए 5 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत औट में कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) का कार्यालय खोलने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय पाठशाला में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।

इस अवसर पर वन मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य की समृद्ध जैव विविधता का संवर्द्धन और संरक्षण हम सभी का कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि वन हमें ईंधन, चारा, फल और सबसे बढ़कर शुद्ध वातावरण देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 6705 वर्ग किलोमीटर के जंगलों को घने जंगलों में परिवर्तित करने तथा खाली पड़ी जमीन पर अधिक पेड़ों को लगाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष राज्य में पौधरोपण अभियान की निगरानी के लिए प्लांटेशन कैम्पेन मॉनिटरिंग एप्लिकेशन को आरम्भ किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य में लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर लगभग 70 प्रतिशत है। इस वर्ष राज्य में 9 हजार हेक्टेयर भूमि पर पेड़ लगाए जाएंगे। राज्य में महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने के लिए ‘एक बूटा बेटी के नाम योजना’ आरम्भ की गई है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डा. राजीव सैजल ने कहा कि राज्य सरकार कमजोर वर्गों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर घर को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए गृहिणी सुविधा योजना आरम्भ की गई है। उन्होंने राज्य के लोगों के लिए आईसीएसडी सीएएस योजना को आरम्भ करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला और शिशु के सम्बन्ध में जानकारी मात्र एक बटन को दबाने से प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों को सुनिश्चित हो पाएंगे।

स्थानीय विधायक जवाहर ठाकुर ने आज क्षेत्र में लगभग 41 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं की आधारशिलाएं रखने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में विकास गतिविधियों को बल मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित करने के लिए आग्रह किया।

प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) अजय कुमार ने इस अवसर पर वन विभाग द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

विधायक इन्द्र सिंह गांधी और सुरेन्द्र शौरी, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, बाल कल्याण परिषद की अध्यक्षा पायल वैद्य, जिला परिषद मण्डी की अध्यक्षा सरला ठाकुर, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष राजबाली, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन्य प्राणी) सविता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता के निदेशक राजेश शर्मा, कुल्लू की उपायुक्त डॉ. रिचा वर्मा, मण्डी के अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग, वन अरण्यपाल मण्डी उपासन पटियाल भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

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