मुख्‍यमंत्री ने लांच किया कांगड़ा पुलिस का सत्‍या निष्‍ठा एप, एक क्लिक FIR का स्‍टेटस भी पता चलेगा #news4
October 2nd, 2022 | Post by :- | 88 Views

धर्मशाला : अपराध नियंत्रण व विवेचन के लिए अब कांगड़ा पुलिस ने सत्या निष्ठा एप तैयार किया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने महात्मा गांधी जयंती पर इस एप का शुभारंभ किया। दावा किया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश ही नहीं बल्कि पुलिस विभाग में देश का यह पहला एप है जो एक साथ कई फीचर को अपने साथ जोड़े हुए है। जिसमें अपराध नियंत्रण व विवेचना में मदद मिलेगी। अपराधों की तुलनात्मक रिपोर्ट रजिस्टर खंगालने के बजाय एक क्लिक पर ही जांच अधिकारी को उपलब्ध हो जाएगी। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस अधीक्षक के पास हर जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो पाएगी।

किसी भी थाने में कोई शिकायत दर्ज होती है तो उसका तुरंत अपडेट एप पर रहेगा। यातायात नियंत्रण व अपराध नियंत्रण के लिए जिला के तमाम सीसीटीवी कैमरों की डिटेल एप के माध्यम से जांच अधिकारी के पास रहेगी। किसी भी रूट से अपराधी भागे, एक जगह बैठकर अन्य जगह स्थापित सीसीटीवी कैमरे की मदद से अपराधी को ट्रैक कर सकेंगे।

एप में स्ट्रेंजर माड्यूल है, जिसमें यह पता चल सकेगा कि किस थाने में कौन व्यक्ति पंजीकृत है। विदेशियों की डिटेल इस ऐप में रहेगी, स्टाफ की वर्किंग व ट्रांसफर से लेकर रोड सेफ्टी तक का डाटा व विवरण इसमें उपलब्ध रहेगा। पूर्ण रूप से पुलिस जांच अधिकारी, थाना प्रभारी से लेकर डीएसपी, एएसपी व एसपी इस एप का प्रयोग करेंगे। हरेक अधिकारी अपने अपने माड्यूल ही देख सकेंगे। कुछ सीमांए तय की गई हैं।

आम आदमी भी जुड़ सकेंगे

पब्लिक किस तरह से इसमें जुड़ेगी इस फीचर पर भी चर्चा की जा रही है और अनजान व्यक्तियों व संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के लिए प्रधान व ग्रामीण स्तर के अधिकारियों को एप डाउनलोड करवाया जाएगा। एक फीचर यह होगा कि वह अनजान का फोटो खींचकर डालेंगे तो नजदीकी थाने व अन्य थानों का रिकार्ड सामने आएगा। अगर वह व्यक्ति कहीं पर पंजीकृत हुआ तो और रिकार्ड सेव हो जाएगा कि किस स्थान पर वह फोटो खींचा गया है। इससे अपराधियों को पकड़ने में सुगमता होगी।

एफआइआर का भी स्‍टेट्स पता चल सकेगा

पुलिस अधीक्षक डा. खुशहाल शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ऐप का शुभारंभ किया है। कितने मामले अब तक दर्ज हैं और पूर्व के तीन साल में कितने मामले दर्ज थे। इसकी जानकारी ऐप पर रहेगी। मोबाइल में एफआइआर का स्टेटस देख सकेंगे। अपराधियों का डाटा देख सकेंगे। डाटा निरंतर अपडेट होता रहेगा। सर्च करना स्टडी करना आसान होगा। बाहर के लोग आते हैं, रेहड़ी वाले आते हैं उन सभी का डाटा यहां पर उपलब्ध रहेगा। रजिस्टर को आपस में शेयर नहीं कर सकते।

बाहर के लोगों का डाटा होगा आनलाइन

स्‍ट्रेंजर माड्यूल डाला है। बाहर के लोगों का डाटा आनलाइन हो जाएगा। कोई भी पुलिस जांच अधिकारी अपने लैपटाप पर जांच सकेगा कहां पर कौन पंजीकृत है। फोटो व आधारकार्ड जांच सकता है। कोई शव मिला अगर पता नहीं चल रहा है तो ऐप के माध्यम से सर्च कर सकते हैं अगर किसी थाने में पंजीकृत हुआ तो उसका डाटा निकल जाएगा। संदिग्ध व्यक्तियों का भी डाटा भी इसमें उपलब्ध रहेगा।

विदेशियों की डिटेल सहित स्‍टाफ की वर्किंग भी रहेगी

विदेशियों की डिटेल भी इसमें रहेगी। स्टाफ की ट्रांसफर, उनकी वर्किंग व फीचर भी इसमें उपलब्ध रहेगा, माल थाना मैनेजमेंट भी इसमें उपलब्ध रहोगा। क्यूआर कोडिंग भी करेंगे। डाटा भी सेव रहेगा। थाना प्रभारी भी इसे अपराध नियंत्रण के लिए प्रयोग कर सकेंगे। रोड सेफ्टी का भी फीचर इसमें है। इस तरह की कंपेक्ट व हैंडी ऐप न केवल प्रदेश बल्कि देश में पहली है।

आम जनता व जनप्रतिनिधियों को भी देंगे एक एक्सेस

पब्लिक को एक एक्सेस दे रहे हैं। इस ऐप में अधिकारिक चेक एक वर्जन पब्लिक के लिए भी होगा। यदि इसे डाउनलोड करें तो स्ट्रेंजर वाला आइकन खोलें, अजनबी का आइकार्ड आधारकार्ड व उसका फोटो डालेंगे तो उसके बारे में जानने में मदद मिलेगी। इस ऐप को तैयार करने में एक साल लगा है और जवानों को भी ट्रेनिंग दी है। अभी इसमें पब्लिक एक्सेस जुड़ेगा। इस पर चर्चा की है।

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