चोटंया चोटंया दी लडाई जाढा बसुटा दा काल … पहाड़ी भाषा में एक कहावत
August 14th, 2019 | Post by :- | 200 Views

देहरा मेन बाजार की हालत भी ऐसी है वहीं से कई कर्मचारी निकलते हैं पर कोई बोल के राजी नहीं यहां के राजनीतिक नेता आपस में लड़ रहे हैं सड़कों की बहुत बुरी हालत है बस आपस की लड़ाई में देहरा का इतना बुरा हाल कर दिया है कि कोई भी ऑफिसर ना तो विधायक का कहना मानता है और ना ही जनता का। देहरा इतने विभाजन कर दिए कहीं किसी ने बनाई गई कई ऑफिस नहीं खोलेंगे और देहरा में इतना बुरा हाल है एक यूनिवर्सिटी का उद्घाटन हुआ था उसका भी अभी तक कुछ पता नहीं चला क्या बनेगा क्या नहीं बस अगले 5 सालों में अगला मुद्दा यूनिवर्सिटी का काम शुरू कर दिया है बस उसके आधार पर जीत जाएंगे फिर अगले 5 साल कलासे पूरी बिठाओ उस पर राजनीति फिर 5 साल ऐसे ही निकल जाएंगे बस देहरा की जनता बेवकूफ बन रही है वह राजनीति नेता बना रहे हैं देहरा की सड़कों का इतना बुरा हाल है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है मुझे यह समझ नहीं आता आपस में क्यों लड़ रहे हैं देहरा का कुछ सोचो।

Source: facebook

 

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