‘स्वच्छता ही सेवा है’ कार्यक्रम के तहत महिलाओं को दिया जा रहा कपड़े के बैग बनाने का प्रशिक्षण
October 2nd, 2019 | Post by :- | 257 Views

‘स्वच्छता ही सेवा है’ और इस दिशा में सिरमौर जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की जा रही है। प्रशासन द्वारा यहां महिलाओं को कपड़े से बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मकसद यही है कि कैसे जिला को प्लास्टिक फ्री कर यहां के पर्यावरण को बचाया जा सके।
शुरुआती चरण में प्रशासन द्वारा करीब 50 महिलाओं को बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों व महिला मंडलों से जुड़ी हुई है। जिला उपायुक्त डॉ। आरके परुथी ने बताया कि स्वच्छता ही सेवा है। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को बैग बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे जिला को प्लास्टिक फ्री होने में एक बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शुरुवाती चरण में पूरे जिला में एक-एक बैग हर घर मे मुफ्त पहुंचाया जाएगा और बाद में महिला मण्डलों द्वारा बनाए गए बैग व्यापार मण्डलों के सहयोग से बाज़ार में उतारे जाएंगे।
महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही ट्रेनर पूजा जयसवाल ने बताया कि बैग बनाने के प्रशिक्षण में महिलाएं काफी रुचि ले रही हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग डिजाइन के बैग बनाने के तरीके महिलाओं को सिखाए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले बैग आसानी से बाजारों में बिक सके। प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने बताया कि निश्चित तौर पर यह प्रशिक्षण उनके लिए मददगार साबित होगा। महिलाओं ने कहा कि वह अपनी पंचायतों और गांव में जाकर अन्य महिलाओं को भी बैग बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक फ्री की दिशा में जो कदम सरकार द्वारा उठाया जा रहा यह बेहद सराहनीय है, जिसमें वह भी अपनी भागीदारी बढ़ चढ़कर सुनिश्चित करेंगी। महिलाओं ने कहा कि बैग बनाने का जो प्रशिक्षण उनको दिया जा रहा है, इससे उनकी आर्थिकी में भी सुधार होने की पूरी उम्मीद है।

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