सीएम जयराम बोले-16,352 पौंग विस्थापितों में से राजस्थान में केवल 8,713 को मिली जमीन #news4
July 9th, 2022 | Post by :- | 105 Views

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पौंग बांध और अन्य जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से प्रदेश के लोगों ने विस्थापन का दर्द झेला है। पौंग बांध निर्माण के दृष्टिगत 16,352 विस्थापित हिमाचलियों के पुनर्वास के लिए राजस्थान में 2.25 लाख एकड़ भूमि आरक्षित की गई। इनमें से केवल 8,713 विस्थापितों को भूमि और मुरब्बा उपलब्ध करवाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शनिवार को राजस्थान के जयपुर में उत्तर क्षेत्रीय परिषद की 30वीं बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने संबोधित किया। केंद्र सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार पौंग बांध विस्थापितों के लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने का आग्रह किया।

इस बैठक में कानून एवं व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सीमा संबंधी मामले और अंतरराज्यीय जल संबंधी मामलों की चर्चा करने के लिए आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और लेफ्टिनेंट गवर्नर ने भाग लिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 7.19 प्रतिशत है, मगर राज्य को इसमें पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा प्राप्त नहीं है। भाखड़ा परियोजना में प्रदेश की एक लाख एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि और ब्यास नदी पर पौंग परियोजना के कारण डैहर में 65,563 एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि इन जलाशयों से उत्पन्न बिजली और पानी के उचित उपयोग का अधिकार नहीं दिया गया है। जयराम ठाकुर ने पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन को जल्द बनवाने का मामला भी उठाया।

अटल टनल से चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में आवाजाही में हुई आसानी 
सीएम जयराम ठाकुर ने अटल टनल रोहतांग के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास के लिए आभार व्यक्त कर कहा कि इसके निर्माण से प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय में वृद्धि होने के साथ चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों पर तैनात सैन्य बलों की त्वरित आवाजाही में भी सुगमता हुई है। नशीले पदार्थों की समस्या पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने सभी राज्यों से इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्य के 585 दुर्गम गांवों में दूरसंचार संपर्क का मामला भी उठाया।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।