घंडालवीं में इसी सत्र से शुरू होंगी कामर्स व आ‌र्ट्स की कक्षाएं : गर्ग #news4
February 16th, 2022 | Post by :- | 114 Views

घुमारवीं : घंडालवी में नए खुलने वाले कालेज में इसी शैक्षणिक सत्र से कामर्स व आ‌र्ट्स की कक्षाएं शुरू होंगी। यह जानकारी खाद्य आपूर्ति मंत्री राजिद्र गर्ग ने लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में दी। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में घंडालवीं के लोगों को जो कालेज की सौगात दी है, वह भविष्य में विधानसभा के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक मील पत्थर साबित होगी। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र को 28 वर्ष बाद महाविद्यालय की सौगात मिली है।

उन्होंने घंडालवीं में कालेज की स्वीकृति के लिए और कालेज के भवन के लिए पांच करोड़ का बजट में प्रविधान के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने व इसके सुदृढीकरण के लिए कृतसंकल्प है। उन्होंने बताया कि कालेज के भवन के लिए 16 बीघा जमीन का चयन कर लिया गया और इस कालेज के खुलने से क्षेत्र के हटवाड़, बम्म, लदरौर, मिहाडा, कोट, कंगरी, घंडालवीं, देहरा, पंतेहड़ा, मरहाणा, कोठी, कामली सहित कई अन्य गांवों के लोगों को तो लाभ मिलेगा ही साथ हमीरपुर जिले के उन गांव के युवाओं को भी लाभ मिलेगा जो गांव बिलासपुर सीमा के साथ सटे हुए हैं। कालेज खुलने क्षेत्र के युवाओं को अब पढ़ाई के लिए दूर क्षेत्र में न जाना पड़ेगा। इससे पहले क्षेत्र के दर्जनों गांवों के विद्यार्थी कालेज की शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां से 25 किलोमीटर दूर घुमारवीं या हमीरपुर जिले के बस्सी जाते थे।

उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के लोग हर बार चुनाव के दौरान व अन्य राजनीतिक सम्मेलनों में कालेज खोलने की मांग उठाते रहे हैं। 2018 में जब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर घुमारवीं दौरे पर आए थे तब भी क्षेत्र के लोगों की इस मांग को उन्होंने उनके समक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में उन्होंने घंडालवीं में कालेज खोलने का जैसे ही प्रस्ताव रखा उसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब जल्द ही क्षेत्र में कालेज खोलने की प्रकिया शुरू होगी और भवन निर्माण कार्य शुरू होगा।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।