महाभारत / सफलता के लिए पूरी जानकारी जरूरी है, क्योंकि अधूरा ज्ञान सबकुछ बर्बाद कर सकता है
December 13th, 2019 | Post by :- | 198 Views

कोई भी काम शुरू करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए, क्योंकि अधूरी जानकारी के साथ किए गए कामों से सबकुछ बर्बाद हो सकता है। महाभारत के एक प्रसंग से समझ सकते हैं कि हमारे लिए अधूरा ज्ञान किस तरह नुकसानदायक हो सकता है…

  • महाभारत में कौरव और पांडवों का युद्ध अंतिम चरण था। दुर्योधन ने मरने से पहले द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को सेनापति बना दिया था। अश्वत्थामा ने सेनापति बनने के बाद शिखंडी, धृष्टद्युम्न और पांडवों के पांचों पुत्रों का साथ ही पांडव सेना के कई बड़े योद्धाओं का वध कर दिया था। इसके बाद वह अर्जुन का वध करना चाहता था।
  • जब अश्वत्थामा और अर्जुन आमने-सामने आए तो दोनों का युद्ध शुरू हो गया। दोनों ही द्रोणाचार्य के शिष्य थे और दोनों के पास कई दिव्यास्त्र थे। युद्ध भयानक होता जा रहा था। जब अश्वत्थामा को लगा कि वह अर्जुन के ऐसे नहीं पराजित कर पाएगा तो उसने अर्जुन पर ब्रह्मास्त्र चला दिया। ब्रह्मास्त्र देखकर अर्जुन ने भी अश्वत्थामा पर ब्रह्मास्त्र छोड़ दिया। ये दोनों ब्रह्मास्त्र टकरा जाते तो पूरी धरती का विनाश हो जाता। ये देखकर वेद व्यास बीच में आए और उन्होंने दोनों ब्रह्मास्त्रों को रोक दिया।
  • वेद-व्यास ने अर्जुन और अश्वत्थामा को बहुत समझाया। दोनों को अपने-अपने दिव्यास्त्र वापस लेने को कहा, अर्जुन ने व्यासजी की बात मानकर अपना ब्रह्मास्त्र वापस ले लिया, लेकिन अश्वत्थामा ने नहीं लिया। वेद व्यास ने उससे पूछा कि तुमने अपना ब्रह्मास्त्र वापस क्यों नहीं ले रहे हो तो अश्वत्थामा ने जवाब दिया कि मुझे ब्रह्मास्त्र को वापस बुलाने की विद्या का ज्ञान नहीं है।
  • ये सुनकर वेद व्यास बहुत क्रोधित हुए और कहा कि तुम्हें जिस विद्या का पूरा ज्ञान नहीं है उसका उपयोग ही क्यों किया? ये पूरी सृष्टि के लिए खतरा है।  ऐसा कहकर उसे शाप भी दिया। अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र को उत्तरा के गर्भ की ओर चला दिया। इसके बाद श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु की रक्षा ब्रह्मास्त्र से की। श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के सिर पर लगी मणी निकाल ली और उसे हमेशा भटकते रहने का शाप दिया।

प्रसंग की सीख
यह प्रसंग हमें शिक्षा देता है कि जब तक किसी काम का पूरा ज्ञान हो तब तक वह काम नहीं करना चाहिए। विद्या कोई भी हो, उसका पूर्ण ज्ञान होना चाहिए। अधूरा ज्ञान सबकुछ बर्बाद कर सकता है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।