कोरोना संक्रमण से बिगड़ रहा है शरीर का प्रतिरोध तंत्र, जानें कैसे
April 12th, 2020 | Post by :- | 85 Views

कोविड-19 वायरस को समझने की वैज्ञानिक जितनी कोशिश कर रहे हैं, उतने ही रहस्य गहराते जा रहे हैं। पहले अध्ययनों में यह बात सामने आई थी कि 25 फीसदी लोगों में बीमारी के लक्षण ही प्रकट नहीं होते हैं, वहीं अब नये अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ठीक हो चुके करीब आठ फीसदी कोविड संक्रमितों में एंटीबॉडीज नहीं बन रहे है। एंटीबाडीज वायरस संक्रमण के खिलाफ काम करते हैं। सवाल खड़ा होने लगा है कि क्या यह वायरस लोगों के प्रतिरोधक तंत्र को खराब बना रहा है ?

यह शोध भारत के संदर्भ में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार कोविड हॉट स्पॉट में एंटीबॉडीज के आधार पर संग्दिध मरीजों की जांच शुरू करने जा रही है। लेकिन यदि रोगी के शहरी में एंटीबॉडीज बनेंगे ही नहीं तो मरीज की पहचान कैसे हो पाएगी।

चीन के फुदान विश्वविद्यालय ने अस्पताल में भर्ती 130 मरीजों में एंटीबॉडीज की जांच की। कोविड के ये मरीज स्वस्थ हो चुके थे और करीब 15 दिनों के बाद एंटीबॉडीज टेस्ट किया गया। लेकिन आठ फीसदी यानि दस मरीजों में एंटीबॉडीज मिले ही नहीं। जबकि तीस फीसदी में एंटीबाडीज मिले तो सही लेकिन उनकी मात्रा बेहद कम थी। जिन मरीजों में एंटीबॉडीज नहीं पाए गये, उन दस में से नौ की उम्र 40 साल से नीचे थी। एक ज्यादा उम्र का था।

इस अध्ययन पर वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन के निदेशक डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा कि पहला सवाल यह खड़ा होता है कि क्या यह वायरस संक्रमण के बाद प्रतिरोधक तंत्र को ही बिगाड़ रहा है। दूसरे, इन मरीजों की आगे जांच होनी चाहिए कि कहीं उनमें देर से तो एंडीबॉडीज नहीं बन रही हैं। डॉक्टर किशोर के अनुसार यह आरंभिक अध्ययन है लेकिन आगे अध्ययन की जरूरत को दर्शाता है।

मरीजों को दोबारा कोविड संक्रमण का भी खतरा-
दुनिया के कई देशों में यह बात सामने आ रही है कि कोविड मरीजों में उपचार के बाद भी संक्रमण की पुष्टि हो रही है या उनका कोरोना का टेस्ट पॉजीटिव आ रहा है। यह अध्ययन भी इसी ओर ईशारा करता है कि यदि ठीक होने के बाद रक्त में एंटीबॉडीज नहीं बन रही हैं तो दोबारा संक्रमण का खतरा हो सकता है।

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