Covid-19:सांस लेने में तकलीफ ही नहीं कोरोना वायरस शरीर के इन अंगों पर भी डाल रहा बुरा असर
May 14th, 2020 | Post by :- | 238 Views

अब तक माना जा रहा है कि कोविड-19 से मुख्य तौर पर सांस लेने में दिक्कत होती है। लेकिन नए शोधों से पता चलता है कि सार्स सीओवी-2 ना सिर्फ फेफड़ों पर बल्कि हृदय, तंत्रिकाओं, दिमाग, नसों, किडनी और त्वचा पर भी असर करता है।

हृदय को नुकसान-
अमेरिका, इटली और चीन में किए गए कई अध्ययनों से पता चला है कि सार्स सीओवी-2 वायरस हृदय को भी नुकसान पहुंचाता है। इस बात का आधार सिर्फ यह नहीं है कि कोविड-19 से होने वाली मौतों में हृदय संबंधित बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या ज्यादा है बल्कि कई पीड़ित लोगों के शरीर में हृदय की कोशिकाओं के खत्म होने के भी सबूत मिले हैं। कई ऐसे रोगियों की भी जांच की गई जिन्हें पहले से हृदय संबंधित कोई बीमारी नहीं थी। सार्स सीओवी-2 के असर से इनके शरीर में मायोकार्डिटिस यानी हृदय की मांसपेशियों में सूजन आ गई। हालांकि सार्स सीओवी-2 से पहले फैल चुके सार्स और मर्स वायरस के प्रकोप के दौरान भी मरीजों के हृदय को नुकसान पहुंचा था।

फेफड़ों को नुकसान-
कोविड-19 बीमारी होने के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान फेफड़ों को ही होता है। लेकिन बीमारी खत्म होने के बाद भी फेफड़ों का नुकसान ठीक नहीं हो रहा है। चीन में कई लोगों पर किए गए शोध के बाद पता चला है कि कोविड-19 बीमारी से ठीक हुए कई मरीजों के फेफड़ों के कुछ हिस्सों ने पूर्ण रूप से काम करना बंद कर दिया है। कई रोगियों के फेफड़ों के 20 से 30 प्रतिशत हिस्से ने काम करना बंद कर दिया है। फेफड़ों का आकार छोटा होने से सांस लेने की क्षमता कम हो जाती है और जल्दी-जल्दी सांस लेनी पड़ती है। इसका असर रोजाना के सामान्य क्रियाकलापों पर भी पड़ता है।

नसों पर असर-
ज्यूरिख के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कोविड-19 से मारे गए रोगियों के शरीर की ऑटोप्सी के दौरान देखा कि इनकी नसों में आंतरिक सूजन पैदा हो गई थी। कई अंगों में खून ले जाने वाली नसें अंदर से सूजी हुई थीं। शोध करने पर पता चला कि नोवल कोरोना वायरस यानी सार्स सीओवी-2 के चलते नसों में आंतरिक सूजन आती है। इसका असर पूरे शरीर में खून की आपूर्ति पर होता है। इसके नतीजे में इंसान के दिमाग समेत दूसरे अंग भी काम करना बंद कर देते हैं जिससे मौत हो सकती है।

तंत्रिका तंत्र पर असर-
शोध से पता चला है कि सार्स सीओवी-2 वायरस मनुष्य के तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसकी वजह नाक की नसों का सिर की हड्डी के जरिए सीधे दिमाग से जुड़ा होना है। नाक शरीर में कोरोना वायरस के प्रवेश करने का एक प्रमुख जरिया है। बेल्जियम में हुए शोध में पता चला है कि तंत्रिका कोशिकाएं वायरस के मुख्य तंत्रिका तंत्र में पहुंचने के लिए मुख्य द्वार का काम करती हैं।

दिमाग पर असर-
पहले फैल चुके सार्स और मर्स वायरस के दौरान तंत्रिका कोशिकाओं के जरिए दिमाग में पहुंचने वाले वायरस से दिमाग को नुकसान हुआ था। जापान में जब कोविड-19 बीमारी के एक मरीज को मिर्गी के दौरे पड़ने लगे तो डॉक्टरों को पता चला कि उसके दिमाग में सूजन आ गई है। यह सार्स सीओवी-2 वायरस की वजह से हुई जो उसके दिमाग तक पहुंच गया था। चीन और जापान के शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि कोविड-19 के रोगजनक श्वसन तंत्र के साथ-साथ दिमाग को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ये दिमाग की कोशिकाओं को मारना शुरू कर देते हैं।

किडनी पर असर-
अगर कोविड-19 से प्रभावित मरीज को निमोनिया भी है और उसे वेंटिलेटर पर ले जाया जाता है तो उसके किडनी को भी नुकसान हो सकता है। यहां तक की उसकी किडनी काम करना बंद भी कर सकती है। निमोनिया की वजह से फेफड़ों में बड़ी मात्रा में द्रव इकट्ठा होने लगता है। इस द्रव को हटाने के लिए मरीज को दवाएं दी जाती हैं। इन दवाओं से किडनी में होने वाली खून की सप्लाई प्रभावित होती है जो किडनी पर असर डालती है। कोविड-19 से प्रभावित मरीजों के शरीर में खून का जमना भी तेज हो जाता है। इसके चलते खून के थक्के भी आसानी से बनने लगते हैं। इन थक्कों से नसों में खून की सप्लाई रुक जाती है। किडनी में भी खून की सप्लाई इससे कम हो जाती है। कोविड-19 के कई मरीजों में किडनी की परेशानी देखी गई है।

त्वचा पर असर-
कोविड-19 बीमारी से पीड़ित कई लोगों की त्वचा पर भी इसका अलग-अलग असर देखा गया है। कई मरीजों के पैर के अंगूठे पर बैंगनी रंग का एक छोटा सा धब्बा बना दिखाई दे रहा है। चीन में कुछ मरीजों के त्वचा के रंग में बदलाव भी दिखाई दिए। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि ये छोटा बैंगनी निशान पैर में जमे खून के थक्के की वजह से हो सकता है। कुछ बीमारों के शरीर पर चकते भी पड़ गए।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।