डीसी ने खुला दरबार लगा सुनीं फोरलेन प्रभावितों की शिकायतें
July 2nd, 2019 | Post by :- | 427 Views

मंडी, 02 जुलाई : उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कीरतपुर-नेरचौक-मनाली फोरलेन परियोजना प्रभावितों की शिकायतों की सुनवाई के लिए मंगलवार को खुला दरबार लगाया। डीआरडीए सभागार में करीब 5 घंटे चले इस कार्यक्रम में 161 लोगों की समस्याएं सुनी गईं। इसके अलावा विभिन्न समितियों, संस्थाओं एवं पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भी लोगों की समस्याएं रखीं। इस दौरान उपायुक्त कार्यालय से जुड़ी 30, सुंदरनगर उपमंडल से संबंधित 75, सदर की 18, बल्ह की 8 शिकायतों के साथ ही मौके पर आईं 30 शिकायतों की सुनवाई हुई।

कार्यक्रम में लोगों द्वारा व्यक्तिगत तौर पर पूर्व में विभिन्न स्तर पर सौंपीं शिकायतों के समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अब तक इन शिकायतों को लेकर हुई कार्यवाही से लोगों को अवगत करवाया गया। उपायुक्त ने लंबित मामलों के कारणों की पड़ताल की और निदान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों के साथ हफ्तेभर में प्रभावित स्थलों पर जाकर मौका देखें और जल्द अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट सौंपें। परियोजना के तहत जहां जमीन कब्जा कर ली गई है, अवार्ड किए जा चुके हैं, वहां भू अधिग्रहण अधिकारी 31 जुलाई तक इंतकाल का काम पूरा करें।
बरसात को देखते हुए संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि फोरलेन के काम के चलते मलबे से नदी-नाले अवरुद्ध न हांे।
उन्होंने कहा लोगों की समस्याओं के निदान के लिए नियमित अंतराल पर इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और लोगों की समस्याओं का समाधान और जायज मांगों को पूरा किया जा सके। प्रदेश सरकार व प्रशासन लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
जिन समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की बजाए सरकार के स्तर पर सम्भव है, उन्हें उचित मंच पर रखा जाएगा।

लोगों ने खुलकर रखी अपनी बात

बैठक में एक-एक कर सभी प्रभावितों की शिकायत पढ़ी गई। लोगों ने भी खुले दरबार में दिल खोल कर अपनी बातें रखीं। लोगों ने मुआवजा न मिलने, पुरानी दर पर मुआवजा दिए जाने, संपंति का आंकलन ठीक नहीं किए जाने, कटिंग से मकान को खतरा होने, ब्लास्टिंग से परियोजना परिधि से बाहर स्थित रिहायशी मकानों में दरारें आने और हाईवे के काम से भूस्खलन के कारण मकान धंसने का खतरा होने जैसी समस्याएं रखीं। इसके अलावा लोगों ने परियोजना परिधि से बाहर स्थित मकानों, भूमि, बगीचों को नुकसान के चले मुआवजे की मांग की।
लोगों ने एनएचएआई की ओर से उनकी दरखास्तों पर कोई उत्तर न दिए जाने पर रोष जताया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, एसडीएम सुंदरनगर राहुल चौहान, एसडीएम बल्ह धर्मेश रमोत्रा, एसडीएम सदर सनि शर्मा, भू अधिग्रहण अधिकारी पूजा चौहान, एनएचएआई के परियोजना निदेशक एवं अन्य अधिकारी सहित परियोजना प्रभावित मौजूद रहे।

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