आयात बंद करने की मांग: ईरान से आ रहे संक्रमित सेब से हिमाचल की बागवानी को खतरा #news4
December 27th, 2021 | Post by :- | 214 Views

ईरान से आयात हो रहे संक्रमित सेब के कारण हिमाचल में सेब बागवानी पर खतरा मंडरा गया है। हिमाचल की प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय कृषि एवं वाणिज्य मंत्रालय का पत्र लिख कर ईरान और तुर्की से सेब का आयात तुरंत बंद करने की मांग उठाई है। ईरान से आयात हो रही कीवी में खतरनाक कीट मिलने के बाद भारत सरकार ने ईरान से कीवी का आयात बंद करने का फैसला लिया है, लेकिन संक्रमित सेब का अभी भी आयात जारी है।

प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्रालयों को पत्र लिख संक्रमित सेब से हिमाचल में सेब बागवानी के प्रभावित होने की आशंका जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि ईरान, तुर्की और उज्बेकिस्तान से आयात हो रहे सेब से हमारे बागीचों में हानिकारक कीट (कोडिंग मोथ) का खतरा पैदा हो रहा है। अगर एक बार यह कीट हमारे बागीचों तक पहुंच गए तो इन्हें नियंत्रित करना कठिन हो जाएगा।

इन देशों से आयात हो रहे कीवी और सेब के कारण प्रदेश में बागवानी को संभावित खतरे को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। कीट से ग्रस्त कीवी और सेब न सिर्फ बागवानी के लिए संकट बन सकते हैं बल्कि विदेशी फलों का इस्तेमाल करने वाले देश के लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। सेब के आयात में क्वारंटीन प्रोटोकॉल का भी सही पालन नहीं हो रहा। यदि अनियंत्रित तरीके से सेब का आयात जारी रहा तो हिमाचल में बागवानों के लिए अपनी नगदी फसल सेब का उत्पादन अव्यवहारिक हो जाएगा।

7 दिसंबर को लगाया गया कीवी के आयात पर प्रतिबंध
पिछले साल ईरान से कीवी और सेब पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। कृषि मंत्रालय के राष्ट्रीय पौध संरक्षण संगठन ने इसी महीने 7 दिसंबर से ईरान से कीवी के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि सेब पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। आयातित सेब और कीवी ने सेब के बागों में फैलने वाले खतरनाक कीटों के खतरे को बढ़ा दिया है। हिमाचल में अकेले सेब की 6,000 करोड़ की अर्थव्यवस्था है और 1.75 लाख परिवार सेब उत्पादन से जुडे़ हैं। प्रदेश के 12 में से सात जिलों में सेब उगाया जाता है, जिसमें शिमला, कुल्लू और किन्नौर प्रमुख हैं। पिछले कुछ समय से हिमाचल में कीवी की खेती भी जोर पकड़ रही है।

फल को छेद कर बरबाद कर देता है कोडिंग मोथ
ईरान से आयात हो रहे सेब में पाया गया कीट कोडिंग मोथ फल में छेद कर उसे बरबाद कर देता है। यह फसलों में व्यापक नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण फल के छिलके की चमक खत्म हो जाती है और आकार बढ़ना रुक जाता है।

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