लोकतंत्र यानी चालाक लोगों का सभ्य लोगों पर शासन
September 2nd, 2019 | Post by :- | 310 Views

अरस्तू ने ठीक ही कहा था कि लोकतंत्र मूर्खो का शासन है. जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारे देश में कलक्टर, डॉक्टर, पुलिस अधीक्षक, न्यायाधीश, सेनाध्यक्ष, वैज्ञानिक परीक्षा के बाद ही चुने जाते हैं. यानी देश का हर कर्मचारी कोई न कोई परीक्षा पास करने के बाद ही अपना पद पा सकता है. मगर देश की बागडोर अनपढ़ों के हाथ में क्यों?

गांव वार्ड सदस्य, सरपंच, प्रधान, विधायक, नगर पालिका का पार्षद, नगर पालिका का अध्यक्ष, नगर निगम का मेयर, संसद के सदस्य, लोकसभा के सदस्य, यहां तक कि मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का भी यही हाल है.

आखिर इनकी परीक्षा क्यों नहीं ली जाती?

क्या इस देश का रक्षा मंत्री सेना में था?
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर क्यों नहीं?
शिक्षा मंत्री अध्यापक क्यों नहीं?
वक्त है अपनी आंखों से परदा हटाने का.

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