देसी शराब स्वास्थ्य के लिए ज्यादा हानिकारक, कोरोना संक्रमण फैलने का भी खतरा; जानिए विशेषज्ञों की राय
April 14th, 2020 | Post by :- | 330 Views

छोटे राज्य हिमाचल में 8.9 फीसद लोग शराब पीने के आदी हैं। इनके लिए अब चेतावनी है। कोरोना संकट में डॉक्टरों ने इन्हें इससे दूर रहने की सलाह दी है। शराब पीने से संक्रमित होने खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। खासकर देसी शराब (जिसे लोग घरों में ही बनाते हैं) पीने वाले सावधान हो जाएं, क्योंकि ये अधिक हानिकारक है। इसके आदी लोगों में से अगर किसी ने शराब पीना छोड़ दिया है तो भी डॉक्टरी सलाह लें। कफ्यरू के कारण शराब के ठेके बंद हैं। इस कारण इसके आदी लोग देसी शराब का सेवन कर रहे हैं। राज्य पुलिस ने इस तरह की शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कारवाई करने की बात कही है।

प्रदेश के डीजीपी ने भी चेतावनी दी है कि लोग देसी शराब का कतई सेवन न करें। इससे उनकी मौत भी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में करीब पौने छह लाख लोग नियमित शराब पीते हैं। पिछले साल एम्स के नेशनल ड्रग्स ट्रीटमेंट सेंटर के राष्ट्रीय सर्वे से इस बात का खुलासा हुआ है।

क्या कहते हैं अधिकारी व विशेषज्ञ

  • लोगों में गलत धारणा है कि शराब पीने से कोरोना वायरस खत्म होता है। एल्कोहल का सेवन करने से लीवर कमजोर हो जाता है। ऐसे में देसी शराब तो जानलेवा साबित हो सकती है। जिन लोगों ने शराब छोड़ दी है वे भी डॉक्टरी सलाह लें। -डॉ. विमल भारती, कोविड-19 के आइजीएमसी में नोडल अधिकारी।
  • देसी शराब पीने से इम्युनिटी सिस्टम और कमजोर पड़ जाता है। इसका सेवन करने वालों में मृत्यु दर अधिक होगी। धूमपान करने वाले भी इसे छोड़ दें। कोरोना से बचने के लिए नशा छोड़ दें। -डॉ. एलएस पाल, पूर्व प्रिंसिपल आइजीएमसी।
  • लोगों में बहम है कि शराब पीने से वायरस खत्म होगा, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन कहती है कि इससे समस्या और बढ़ेगी। देसी शराब से तो भी मौत हो सकती है। -एसआर मरडी, डीजीपी।
  • देसी शराब पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। कोरोना काल में तो इसके और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। नशा कोई भी न करें तो बेहतर है, लेकिन नशा छोड़ने वाले तत्काल डॉक्टरी परामर्श लें। यह नशामुक्ति का मौका भी है। -विजय कुमार, प्रशासनिक प्रमुख, नशा निवारण की दिशा में कार्य करने वाली गुंजन संस्था।

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