रिश्ते में होते हुए भी होता है अकेलेपन का अहसास, समझदारी से मिटाएँ दूरियाँ #news4
October 30th, 2022 | Post by :- | 80 Views

पिछले दो माह से मेरी जिन्दगी अधरझूल में चल रही है। मैं अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों के साथ होते हुए भी अब अकेलापन महसूस कर रहा हूँ। रिश्तेदारों से तो वैसे भी कभी तवज्जो नहीं मिली लेकिन अब पत्नी और बच्चों के साथ जो अलगाव हो गया है उसे पुन: भर पाना मुझे मुश्किल नजर आ रहा है। पति-पत्नी के आपसी झगड़ों ने रिश्तों में इतनी गहरी दरार डाल दी है जिसे भरना मुश्किल नजर आ रहा है। एक-दूसरे के प्रति आपसी प्यार और समझ ही रिश्ते की मजबूती होती है और इसी से ही रिश्ते में खुशियाँ बनी रहती हैं। लेकिन कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं जब रिश्ता नाम का हो जाता है और आप एक-दूसरे के साथ होते हुए भी साथ नहीं होते हैं। इस खोखले रिश्ते का कोई भविष्य नहीं दिखाई देता है और इंसान खुद से ही सवाल करने लग जाता है कि आखिर मैंने ऐसी क्या गलती की कि रिश्ता ऐसे मोड़ पर आ गया और खुद को दोषी मानने लगता है। अकेलापन किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत खतरनाक स्थिति होती है, ऐसी परिस्थितियों में उसके मन में गलत विचार उमड़ते रहते हैं।

आज हम आपको इस कड़ी में अकेलेपन के कारण और इसे किस तरह दूर किया जाए, इसे बताने जा रहे हैं—

अलग-अलग व्यक्तित्व होना
अगर आप दोनों एक-दूसरे बिल्कुल अलग है तो, ये भी एक कारण हो सकता है कि आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं। लेकिन इसमें भी अकेलापन आप तब महसूस करने लगते है, जब आप दोनों में से कोई भी एक-दूसरे के हिसाब से ढलना न चाहे। दोनों अपने शौक, पसंद और दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करने लगे क्योंकि रिलेशनशिप में सिर्फ एक व्यक्ति की भागीदारी काफी नहीं है। आप दोनों को एक-दूसरे के लिए सोचना चाहिए।

अपने मोबाइल फोन में व्यस्त रहना
आज के समय से सबसे ज्यादा रिश्ते खराब होने के कारण सोशल मीडिया भी है। लोग अपने फोन में अब इतने ज्यादा व्यस्त है कि उन्हें अपने पार्टनर और माता-पिता से बात करने का भी समय नहीं होता है। काम से फुर्सत मिलते ही, वे अपने फोन में लग जाते हैं। आपके अकेलेपन का कारण ये भी हो सकता है कि आपका पार्टनर फोन में बहुत ज्यादा व्यस्त रहता है और आपके लिए उनके पास समय नहीं है।

बहुत ज्यादा उम्मीद करना
ये इंसान का नेचर होता है कि जब उसे कुछ थोड़ा मिलता है तो, उसे ज्यादा की चाहत होती है। हालांकि अपने पार्टनर से ज्यादा की उम्मीद करना गलत नहीं है। लेकिन अगर परिस्थितियां वैसी नहीं है तो ये आपको समझने की जरूरत होती है कि क्या ज्यादा की उम्मीद सही है। अगर आपके पार्टनर और आपके काम का समय अलग-अलग है तो उससे अपेक्षाएं करना गलत है। इसमें आपको समझदारी से काम लेना होता है।

कमजोर इमोशनल बॉन्डिंग
इमोशनल बॉन्डिंग रिलेशनिशिप में एक अहम कड़ी है, जो आपको कठिन हालातों में भी जोड़े रखती है। एक-दूसरे को समझने और जानने में मदद करती है। लेकिन अगर आपकी इमोशनल बॉन्डिंग अच्छी नहीं है तो आप एक-दूसरे को समझ नहीं पाते। इस स्थिति में आपके लिए अगर किसी बात एक मायने है तो आपके पार्टनर के लिए उस बात के अलग मायने है। इन सब चीजों से रिलेशनशिप में लोग अकेलापन महसूस करते हैं।

अपने साथी को समय न देना

दरअसल लोग आजकल की व्यस्त दिनचर्या में बिजी होना या काम बहुत ज्यादा होने की बात कहकर भी अपने पार्टनर को समय नहीं दे पाते हैं। एक जगह पर ये बात सही भी हो सकती है लेकिन अगर आप किसी शख्स के लिए जरूरी हो तो, आपके लिए वह समय निकाल लेगा। तमाम कोशिश के बाद भी अगर आपका साथी समय का बहाना बना रहा है तो इसका मतलब है कि आप उनके लिए शायद अब उतने अहम या जरूरी नहीं रहे।

इनके अतिरिक्त आप अपने अकेलेपन को इस तरह भी दूर कर सकते हैं—

1. एक व्यक्ति के तौर पर आपको खुश रहने का पूरा हक है और अगर आप अकेलापन महससू कर रहे हैं तो, आपको अपने पार्टनर से बात करके इस परेशानी को दूर करने की जरूरत है।

2. अगर आपका पार्टनर जानबूझकर आपको इग्नोर कर रहा है तो अपने आत्मसम्मान को ध्यान में रखते हुए आपको अपनी दुनिया में खुश रहना चाहिए और अपने आप में व्यस्त रहना चाहिए।

3. काम के बाद फोन का कम से कम इस्तेमाल करें। हो सके तो अपने साथी के साथ मिलकर एक नियम बना लें कि साथ में होने पर आप कम से कम फोन का इस्तेमाल करेंगे।

4. अगर आप दोनों के शौक अलग-अलग हैं तो आप एक-दूसरे की पसंद को भी इंजॉय कर सकते हैं। इससे आप भी नयी हॉबी डेवलेप कर सकते हैं और शायद वो आपको पसंद भी आ जाए।

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