समानता / शिक्षण संस्थानाें में छात्र-छात्रा में खत्म हो भेदभाव
May 2nd, 2019 | Post by :- | 263 Views

शिक्षण संस्थानाें में छात्र-छात्रा में काेई भेदभाव न हाे, इसलिए अब यूनिवर्सिटी सहित काॅलेजाें में जेंडर चैंपियन बनाए जाएंगे। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को जेंडर चैंपियन चुनने के निर्देश जारी कर दिए हैं। ये जेंडर चैंपियन युवाओं को लिंग समानता का पाठ पढ़ाने के लिए होने वाली अहम गतिविधियों का हिस्सा होंगे।

योजना के तहत संस्थानों में वुमेंस सेल स्कीम के तहत जेंडर चैंपियन क्लब का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही जेंडर चैंपियन भी चुने जाएंगे। वर्ष 2015 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मिलकर संयुक्त रूप से यह योजना तैयार की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी यूनिवर्सिटियाें में जेंडर चैंपियन बनाए जाने के लिए दिशा-निर्देश तय किए थे। यूजीसी के इन्हीं दिशा-निर्देशों के मुताबिक इस सत्र के लिए जैंडर चैंपियन बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य शिक्षण संस्थानों में बेहतरीन माहौल तैयार करना है।

होंगे कई तरह के आयोजन: एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. जेएस नेगी का कहना है कि सभी काॅलेजाें काे यूजीसी के दिशा निर्देशाें का पालन करना हाेगा। जेंडर चैंपियन सामूहिक चर्चा, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, भाषण, स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं के जरिए जागरुकता अभियान चलाएंगे। जेंडर चैंपियन क्लब के सदस्य सोशल नेटवर्किंग साइट्स और ब्लॉग के जरिए भी लिंग समानता को जागरूक करेंगे। वहीं वर्कशॉप, नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताओं का आयोजन इसी क्लब के तहत होगा। महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर, कानूनी अधिकारों का पाठ भी पढ़ाया जाएगा।


एक छात्र और एक छात्रा का चुनाव होगा : कॉलेजों में लिंग समानता को बढ़ावा देने के लिए एक छात्र और एक छात्रा को जेंडर चैंपियन बनाया जाएगा। इनकी जिम्मेदारी कॉलेजों में छात्राओं के लिए बेहतरीन माहौल तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ने को प्रेरित करने की रहेगी। छात्राओं के लिए संस्थानों में बेहतर माहौल तैयार करने के लिए ये योजना बनाई गई है। चुने गए जेंडर चैंपियनों को बाकायदा सकारात्मक और प्रेरणात्मक कार्यक्रम चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

संस्थान अपने स्तर पर करेंगे चैंपियन का चयन : कॉलेजों में न्यूनतम 50 फीसदी अंक पाने वाले सक्रिय छात्र-छात्राओं को इसके लिए चुना जा सकता है। इसके अलावा उपस्थिति, बोलने की क्षमता, प्रेजेंटेशन स्किल आदि भी चयनित होने के आधार होंगे। चयन प्रक्रिया के लिए बाकायदा नोटिस बोर्ड पर सूचना जारी कर छात्रों से आवेदन मांगें जाएंगे। वहीं, जेंडर चैंपियन के कार्यों और क्लब की देखरेख के लिए एक नोडल अधिकारी की तैनाती भी संस्थान को करनी होगी।

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