खेगसू में सतलुज घाटी के इतिहास पर चर्चा
March 2nd, 2020 | Post by :- | 159 Views

अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना जिला रामपुर का एक सम्मेलन कुष्मांडा भवानी परिसर खेगसू में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता इतिहास संकलन योजना जिला रामपुर के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने की।जबकि कार्यक्रम में हॉल ही में बैंकॉक में भारत गौरब पुरस्कार से अलंकृत हुए, डॉ, सर्वपल्ली राधाकृष्णन बीएड एमएड शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ, मुकेश शर्मा बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए, उन्हें अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना जिला रामपुर द्वारा आउटर सिराज गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के पदाधिकारियों व सदस्यों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों , लेखकों व इतिहासकारों तथा महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम में मंच का संचालन लेखक श्यामानन्द ने किया । कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस मौक़े पर इतिहास संकलन योजना के महासचिव डॉ आश्मी भास्कर ने सतलुज घाटी की बिलुप्त प्रायः होती प्राचीन संस्कृति पर प्रकाश डाला औऱ कहा कि हमारी प्राचीन परम्परा व संस्कृति हमें हमारी सभ्यता का बोध करवाती है,ऐसे में हमें अपनी प्राचीन संस्कृति को सजोये रखने की जरूरत है।वहीं इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने अपने सम्बोधन में प्राचीन छाहडी गायन व शिवरात्रि गीतों में छुपे प्राचीन इतिहास व संस्कृति का बोध कराया और कहा कि सतलुज घाटी की बिलुप्त प्रायः होती प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के लिए इतिहास संकलन योजना सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।इस मौके पर विभिन्न कवियों ने अपनी कविताओं और महिलाओं ने प्राचीन गीतों की प्रस्तुति के द्वारा लोक संस्कृति का बोध कराया।

। कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ०मुकेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा ही जीवन का मूलमंत्र है । उन्होंने बताया कि वे आज शिक्षा जगत में जो कुछ भी है वो विशेषकर उनके पिता मस्तराम शर्मा व माता कलावती तथा गुरुजनों की प्रेरणा है जो उन्हें प्रोत्साहित करते रहें है । वहीं उन्होंने घर के माहौल को किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी बताया । उन्होंने कहा कि आज अपने घर के संस्कारों और डॉ०सर्वपल्ली परिवार के प्यार की वजह से ही विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम कर रहे हैं । उन्होंने इस मौके पर स्वामी विवेकानंद के जीवन पर भी प्रकाश डाला, और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में डॉ०मुकेश शर्मा के साथ उनकी पत्नी सरोज शर्मा,इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष दीपक शर्मा, महासचिव डॉ, आश्मी भास्कर, सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ, एके गोस्वामी, सेवानिवृत्त मुख्य शिक्षक सुरेश शर्मा, प्रचारक रामसिंह, ब्राह्मण सभा के कोषाध्यक्ष राजपाल शर्मा, तथा लेखक श्यामानन्द, सहित अन्य कई लेखक , कवि तथा महिला मंडल की महिलाएं उपस्थित थीं।

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