भूकंप को लेकर आपदा प्रबंधन की तैयारी परखेगा जिला प्रशासन
July 4th, 2019 | Post by :- | 196 Views

मंडी, 04 जुलाई: भूकंप को लेकर अलर्ट करने के लिए 11 जुलाई को सुबह उपायुक्त कार्यालय में सायरन बजने शुरू हों तो घबराएं नहीं । ध्यान रहे, यह सचमुच की आपदा नहीं एक मॉक अभ्यास है। लेकिन भूकंप की दृष्टि से अतिसंवेदनशील मंडी जिले में इस मॉक अभ्यास को बहुत गंभीरता से करने की तैयारी है। मेगा मॉक अभ्यास के जरिये जिला प्रशासन लोगों को तो शिक्षित करेगा ही भूकंप आने की स्थिति में आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों की समीक्षा और कमियों का विश्लेषण भी करेगा।

उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर मेगा मॉक अभ्यास के विभिन्न पक्षों की समीक्षा की । इस दौरान उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन योजना के सभी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा यह मॉक अभ्यास वास्तविक आपात स्थिति की तरह ही किया जाएगा। इससे जिला आपदा प्रबंधन योजना के अलावा विभागों की अपनी आपदा प्रबंधन योजना की भी समीक्षा होगी। हमें अपनी कमियों का अंदाजा होगा, साथ ही तैयारियों में अंतर का भी पता चलेगा। यह भी साफ होगा कि आपदा की स्थिति में पड्डल मैदान में निर्धारित स्टेजिंग एरिया में पहुंचने में अधिकारियों-कर्मचारियों को कितना समय लगता है और कितनी जल्दी राहत-बचाव कार्य शुरू हो पाते हैं। संसाधनों के उपयोग और संचार आदि की कमियों तथा तैयारियों का भी पता चलेगा। इससे सीख लेकर जिला आपदा प्रबंधन योजना को और पुख्ता बनाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों-कर्मचारियों को पता हों अपने दायित्व

सभी उत्तरदायी अधिकारियों और उनके स्टाफ को आपदा प्रबंधन को लेकर अपने दायित्व पता होने चाहिए। कार्यालय प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि आपदा प्रबंधन में उनके विभाग का क्या काम है, उत्तरदायी अधिकारी की गैर मौजूदगी में अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी को क्या करना है, सभी को इसकी जानकारी हो।
उपायुक्त ने कहा मॉक अभ्यास के दौरान सभी विभागों और अधिकारियों-कर्मचारियों के आपसी समन्वय का भी सही पता चलेगा। इस तरह की आपात परिस्थिति में संबंधित विभागों की दक्षता और आपसी समन्वय का विश्लेषण किया जाएगा।
उन्होंने कहा मॉक अभ्यास के माध्यम से जिला में आपदा प्रबंधन की तैयारियों व क्षमताओं का गहन आकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा। इस दिन जिला मुख्यालय में 5 स्थलों, जिनमें जेल रोड़ स्थित लोक निर्माण विभाग कार्यालय, भूतनाथ गली, इंदिरा मार्केट, डाइट मंडी और जोनल अस्पताल शामिल हैं, पर भूकंप से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक अभ्यास किया जाएगा, जिसमें सेना, अर्धसैन्य बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के अलावा जिला के आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे।
जिलेभर में उपमंडलस्तर पर भी 11 जुलाई को मॉक अभ्यास किया जाएगा।

आम लोग भी बनें मॉक अभ्यास का हिस्सा

आप घर में अथवा कार्यालय में हैं तो भूकंप आने पर बरती जाने वाली सावधानियों का अभ्यास करंे। 11 जुलाई को सायरन सुनते ही किसी मेज या मजबूत फर्नीचर के नीचे झुकें, एक हाथ से सिर को कवर करें और दूसरे हाथ से फर्नीचर को पकड़े रखें।5 मिनट के बाद इमारत से निकल कर खुले स्थल पर आएं।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्रवण मांटा, आर्मी से कर्नल एन.के.शर्मा, विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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