499 साल बाद होली पर गुरु और शनि का योग, इस दिन करें विष्णुजी के साथ ही गुरु-शनि की पूजा
March 6th, 2020 | Post by :- | 161 Views

सोमवार, 9 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन होगा। अगले दिन मंगलवार, 10 मार्च को होली खेली जाएगी। इस साल गुरु और शनि का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। ये संयोग 499 साल के बाद बना है। होली पर ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में रहेंगे। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए इस योग में कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं…

होली पर गुरु धनु में और शनि मकर में

पं. शर्मा के अनुसार 9 मार्च को गुरु अपनी धनु राशि में और शनि भी अपनी ही राशि मकर में रहेगा। इससे पहले इन दोनों ग्रहों का ऐसा योग 3 मार्च 1521 को बना था, तब भी ये दोनों ग्रह अपनी-अपनी राशि में ही थे। ग्रहों के इस योग में होली आने से ये शुभ फल देने वाली रहेगी। हर साल जब सूर्य कुंभ राशि में और चंद्र सिंह राशि में होता है, तब होली मनाई जाती है।

कौन-कौन से शुभ काम करें

मुख्य रूप से होली पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। प्राचीन में फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर प्रहलाद का जीवन विष्णु भक्ति की वजह से ही बचा था। तभी से हर वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के साथ ही विष्णु पूजन करने की परंपरा प्रचलित है। विष्णुजी के साथ ही महालक्ष्मीजी की प्रतिमा भी रखें। भगवान का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। पीले चमकीले वस्त्र चढ़ाएं। मिठाई का भोग लगाएं और ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।

इस बार गुरु अपनी राशि धनु में रहेगा। होली पर गुरु ग्रह के लिए चने की दाल का दान करें। शिवजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। पीले वस्त्रों का और केले का दान करें।

शनि के लिए इस दिन ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं। किसी गरीब को काली उड़द का दान करें।

होलिका दहन से पहले होलिका की विधिवत पूजा करें। परिक्रमा करें। अनाज, नारियल आदि चीजें चढ़ाएं।

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