क्या सत्ताधारी होने का मतलब है कि आप किसी को भी कुचल सकते हैं..?
August 30th, 2019 | Post by :- | 298 Views

एक मामला बिलासपुर जिला के घुमारवीं से आया है,
सत्तापक्ष से संबंध रखने बाली एक महिला शिक्षक और स्कूल के प्रधानाचार्य में विवाद हो गया मगर, मामला जांच के लिए, फेसबुक पर लाया गया। हम प्रणाम करते हैं इन्हें कि विभाग से जांच कराने से बेहतर इन्होंने फेसबुक पर जांच कराना सही समझा..

यानी अब बिभागीय जांच बंद कर देनी चाहिए.. पुलिस थाने और न्यायालय बंद करके, सभी सरकारी संस्थाओं में सिर्फ फेसबुक से ही जांच करानी चाहिए।

बेहतर होता कि इस मामले में बिभागीय जांच होती, अगर प्रधान शिक्षक दोषी है तो बिभाग कड़ी कार्रवाई करे, लेकिन फेसबुक पर अपने ही विभागीय अधिकारियों को प्रताड़ित करना तर्कसंगत नहीं है।
और अगर विभागीय कार्रवाई या जांच चल रही है, तब सोसल मीडिया पर डालना, पूर्णतः अपराध है। ऐसे में विभाग के अधिकारियों से आग्रह है कि हर पहलू की जांच हो और दोषी को सजा मिले..

निसंदेह सत्ता के वल से, लोग, न्याय, कानून हर चीज को को कुचला नहीं जा सकता .

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