ठंड दूर करने के लिए कॉफी का सेवन करें, लेकिन ज्यादा कैफीन के होते हैं ये खतरे
December 11th, 2019 | Post by :- | 166 Views

सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए चाय – कॉफी का सेवन किया जाता है। www.myupchar.com से जुड़े आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के मुताबिक, कॉफी में पाया जाने वाला  कैफीन दुनिया में सबसे व्यापक रूप से उपयोग होने वाली दवा है और जब आप इसका सेवन करते हैं, तो यह आपको कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। तो चलिए जानते हैं कैफीन के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा कॉफी का सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक क्यों होता है? मेडिकल जर्नल करंट न्यूरोफार्माकोल में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अधिक कैफीन के गंभीर परिणाम हो सकते हैं जैसे- हार्ट की धड़कन बढ़ना, पेट की समस्याएं होना और नींद की समस्या। वहीं द ऑन्कोटार्गेट मैग्जीन में लिखा गया है कि लंबे समय तक रोजाना तीन से चार कप से अधिक कॉफी पीने से मायोकार्डिअल इन्फेक्शन हो सकता है। इससे दिल का दौरा पड़ सकता है। जानिए ज्यादा कॉफी पीने के नुकसान के बारे में –

ज्यादा कॉफी पाचन संबंधी समस्याएं दे सकती है। दरअसल, सुबह कॉफी पीने से पेट अच्छी तरह साफ होता है। शरीर में जमा चिकने मल को निकालना आसान होता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन दस्त और एसिड रिफ्लक्स दे सकता है।

कैफीन ब्लडप्रेशर को प्रभावित कर सकता है। कैफीन तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है, जिसके कारण ब्लडप्रेशर बढ़ता है। हालांकि ब्लडप्रेशर में ये बढ़ोतरी अस्थायी होती है और स्वस्थ व्यक्तियों में कोई बड़ी समस्या नहीं होती है, लेकिन जो लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, उन्हें कैफीन का सेवन सीमित करना चाहिए।

कैफीन से पेट साफ होता है, लेकिन यह मूत्रवर्धक के रूप में भी कार्य करता है। यानी ज्यादा कॉफी पीने से ज्यादा मूत्र आता है। हालांकि, इसके कारण निर्जलीकरण यानी शरीर में पानी की क मी होने का कोई ठोस सबूत नहीं है, लेकिन एक अध्ययन में बताया गया है कि महिलाओं में बहुत अधिक कॉफी असीमित मूत्र का कारण बन सकती  है।

यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि कॉफी आपको थकान दे सकती है। जी हां, हमने यहीं पढ़ा-सुना है कि कॉफी पीने से ऊर्जा आती है, लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि कैफीन से मिली एनर्जी अस्थायी होती है। जब इसका असर समाप्त हो जाता है, तो व्यक्ति थकान महसूस करता है । और एनर्जी के लिए कैफीन की जरूरत होती है, इस तरह हम कैफीन के दुष्चक्र में फंस जाते हैं।

कॉफी पीने से नींद नहीं आती है, लेकिन इसके दम पर अपनी नींद कम करना बहुत घातक होता है। इससे नींद का चक्र गड़बड़ा सकता है और यह स्थिति बहुत घातक हो सकती है।

कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि जो महिलाएं बहुत अधिक कॉफी पीती हैं उनमें हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा अधिक होता है। हालांकि पुरुषों में इसका जोखिम थोड़ा कम होता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान कॉफी का सेवन सुरक्षित नहीं हो सकता है। वास्तव में, ज्यादा कॉफी पीने से गर्भावस्था के दौरान नुकसान हो सकता है, नवजात शिशु का वजन कम हो सकता है या वक्त से पहले डिलीवरी हो सकती है।

कैफीन के ज्यादा सेवन से चिंता बढ़ सकती है। खासतौर पर उन लोगों में जो पैनिक डिसऑर्डर या सामाजिक चिंता विकार से ग्रसित हैं। यह उन लोगों में उन्माद और मनोविकृति को ट्रिगर कर सकता है जो अतिसंवेदनशील हैं।

2016 के एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला है कि किशोरावस्था के दौरान कैफीन का अधिक सेवन मस्तिष्क में स्थायी बदलाव ला सकता है।

कुल मिलकर कॉफी का सेवन करें, लेकिन संयमित होकर। बार-बार कॉफी पीना नुकसानदायक हो सकता है। यदि कॉफी पीने की लत लग चुकी है तो डॉक्टर को दिखाएं और डायबिटीज समेत अन्य जांच जरूर करवाएं।

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