DSYA ने व्यक्त किया कुलपति प्रो. सिकंदर का आभार
December 30th, 2019 | Post by :- | 184 Views

डिसेबल्ड स्टूडेंट्स एंड यूथ एसोसिएशन (DSYA) हिमाचल प्रदेश ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा विकलांगों को प्रत्येक विषय की एम. फिल और पीएच.डी में एक-एक अतिरिक्त सीट देने के ऐतिहासिक फैसले के प्रावधान के लिए विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सिकन्दर कुमार जी से मिल कर धन्यवाद ज्ञापन दिया। DSYA के संयोजक मुकेश कुमार और सह संयोजक सवीना जहां ने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि विकलांग विद्यार्थियों के लिए यह पहल करने वाला हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय उतर भारत का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकन्दर कुमार सदैव विकलांग विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और समस्याओं का समाधान करने हेतु तत्पर रहते हैं, ये उनके ही सार्थक प्रयासों का परिणाम है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विकलांग विद्यार्थियों के लिए एक अलग से सुगम्य पुस्तकालय बनाया गया है जहां पर 17 सुगम्य कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा प्रदान की गई हैै। इस सुगम्य पुस्तकालय में पढ़ कर बहुत से विकलांग विद्यार्थियों ने नेट, सेट और जेआरएफ जैसी कठिन परीक्षा उतीर्ण कर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए योग्यता प्राप्त कर ली है ।

इसके अलावा विकलांग विद्यार्थियों के लिए होस्टल से विभाग तक छोड़ने के लिए और वापिस होस्टल ले जाने के लिए एक गाड़ी की व्यवस्था और विश्वविद्यालय की वेबसाइट को भी पूरी तरह बाधारहित बनाया गया है । संयोजक मुकेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय को पूरी तरह से सुगम्य बनाने के लिए बहुत जल्द ही रैम्प और लिफ्ट की सुविधाएं भी दी जाएंगी ताकि विकलांग विद्यार्थियों की पढ़ाई में कोई भी बाधा न आ पाए। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा एम.फिल और पीएच.डी में विकलांगो को प्रत्येक विभाग में एक-एक अतिरिक्त सीट के प्रावधान का फैसला उच्च शिक्षा में विकलांगो के लिए दूरगामी साबित होगा । कुलपति महोदय को धन्यवाद ज्ञापन देने हेतू डीएसवाईए के संयोजक मुकेश कुमार, सह संयोजक सवीना जहां, मुस्कान, पंकज धीमान, अनु कुमारी, यश, जसवीर और अनुज कुमार मौजूद रहे ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।