हड़ताल के चलते अध्यापकों को खुद तैयार करना पड़ा मिड-डे मील #news4
March 28th, 2022 | Post by :- | 90 Views

भड़ेला : ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के चलते सलूणी ब्लॉक के कई स्कूलों के मिड-डे मील वर्कर सोमवार को स्कूल नहीं आए, जबकि कुछ स्कूलों के मिड-डे मील वर्कर ड्यूटी पर तैनात रहे। जिन स्कूलों के मिड-डे मील वर्कर हड़ताल पर रहे उन स्कूलों में अध्यापकों को स्वयं दोपहर के खाने की व्यवस्था करनी पड़ी। कई स्कूलों में अध्यापक स्वयं खाना बनाते दिखे। साथ ही कुछ स्कूलों में पार्ट टाइम वर्करों ने बच्चों के लिए दोपहर का खाना बनाया लेकिन अध्यापकों के खाना बनाने में व्यस्त होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा। कई प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों की भारी कमी है और कई स्कूल एक-एक अध्यापक के सहारे चल रहे हैं।

ऐसे में अकेले अध्यापक खाना बनाने में जुटे रहे। मिड-डे मील वर्कर काफी समय से सरकार से मासिक वेतन में बढ़ौतरी की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने बजट में उनके मासिक वेतन में 900 रुपए की बढ़ौतरी की है, लेकिन वर्कर इससे संतुष्ट नहीं हैं और हर माह 10500 रु पए वेतन देने की मांग पर अड़े हुए हैं। मिड-डे मील वर्र्करों का कहना है कि उन्हें जो मासिक वेतन दिया जा रहा है उससे अपने परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो रहा है। उधर, प्रारंभिक शिक्षा खंड अधिकारी सलूणी जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि सलूणी ब्लॉक के सभी प्राथमिक स्कूलों में प्रभारियों को एक दिन पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि जिन स्कूलों के मिड-डे मील वर्कर हड़ताल पर रहेंगे वहां वह मिड डे मील की वैकल्पिक व्यवस्था स्वयं करें।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।