विद्युत कर्मचारी यूनियन ने न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में की मीटिंग, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी #news4
January 1st, 2022 | Post by :- | 289 Views

नूरपुर : हिमाचल राज्य विद्युत कर्मचारी यूनियन ने न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में 220 केवी ग्रिड सबस्टेशन बोर्ड के मेन गेट पर एनपीएस कर्मचारी महासंघ के समर्थन में गेट मीटिंग करके न्यू पेंशन स्कीम का पुरजोर विरोध किया गया। यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी विरोधी स्कीम है। इस स्कीम को प्रदेश सरकार को तुरंत प्रभाव से निरस्त करके पुरानी पेंशन स्कीम के अधीन सभी कर्मचारियों को पेंशनर के लाभ दिए जाएं, ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी अपने जीवन का सही तरीके से जिंदगी जी सके। न्यू पेंशन स्कीम पर विस्तृत जानकारी देते हुए यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन मोहल ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम में 10 प्रतिशत सैलरी का अमाउंट कर्मचारी का कटता है और 14 प्रतिशत सरकार डालती है। य

ह 24 प्रतिशत पैसा जो है अगर इससे कर्मचारी ने पैसे निकालने हैं तो कर्मचारी की नौकरी 5 वर्ष होनी चाहिए। तभी कर्मचारी पैसे निकालने का हकदार हैं और उसे मात्र 25 प्रतिशत पैसे निकालने की अनुमति होती है। 25 प्रतिशत में भी यह वह पैसा जो कर्मचारी के खाते से काटा गया है। सिर्फ उसका  25 प्रतिशत पैसे निकालने की अनुमति होती है और न्यू पेंशन स्कीम में यह प्रावधान है कि जो कर्मचारी का पैसा जमा है उसका 60 प्रतिशत पैसा कर्मचारी को और रिटायरमेंट के 2 साल के बाद दिया जाता है। जो 40 प्रतिशत पैसा है उसका पेंशन लगा दिया जाता है। यह पेंशन भी एसबीआई, एलआईसी, यूटीआई, बैंक के माध्यम से कर्मचारी का पैसा शेयर मार्केट में लगाया जाता है। अगर शेयर मार्केट बढ़ता है तो आप की पेंशन बढ़ती है अगर शेयर मार्केट गिरता है तो कर्मचारी का पेंशन भी घटता है। तो यह बात हमारी समझ से परे है कि यह स्कीम कहां तक कर्मचारियों के हित में है। यह हमें प्रदेश सरकार बताएं।

उन्होंने कहा कि अगर फिर भी यह न्यू पेंशन स्कीम अच्छी है तो हमारे एमएलए, एमपी, मंत्री क्यों नहीं न्यू पेंशन लेते। यह एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है। हम मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश जयराम ठाकुर से कहना चाहते हैं कि हिमाचल प्रदेश में विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों ने हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य को रोशन करने के लिए अपने सर के ऊपर बोझ उठाकर के बांसों के साथ एक देसी जुगाड़ बना करके  बिजली के खंभों को अपने कंधों के ऊपर उठाकर के हर घर को रोशन करने में अहम योगदान अदा किया है। आज की तारीख में विद्युत बोर्ड में कर्मचारियों की घटती संख्या एक बड़ी चिंता का विषय है।

आए दिन कर्मचारी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। दिनांक 29 दिसंबर 2021 को विभागीय कार्य करते हुए फोरमैन मदन सिंह जो उना में कार्यरत थे, उन्होंने भी अपने प्राण बिजली बोर्ड का कार्य करते हुए त्याग दिए। 25 जून 2021 को सहायक लाइनमैन स्वरूप सिंह जोकि विद्युत मंडल फतेहपुर जिला कांगड़ा के अधीन धमेटा में कार्यरत थे। ट्रांसफार्मर का ठीक करते हुए करंट की चपेट में आने से उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई। मगर आज 6 महीने का लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी स्वरूप सिंह के बेटे को नौकरी नहीं दी गई। इससे बोर्ड की जो मानसिकता दर्शाती है कि बोर्ड प्रबंधक वर्ग कर्मचारियों के प्रति कितना बेपरवाह है। यूनियन आज के इस विरोध में सभा के माध्यम से यह मांग करती है कि स्वरूप सिंह के बेटे को शीघ्र अति शीघ्र नौकरी प्रदान की जाए।

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