Facebook twitter wp Email affiliates दो साल बाद अनुयायियों के बीच आए दलाई लामा, करुणा व शून्य का संदेश दिया, स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर भी बोले #news4
March 18th, 2022 | Post by :- | 264 Views

धर्मशाला : दलाई लामा ने मैक्लोडगंज में दो साल के बाद लोगों व अपने अनुयायियों के समुख आकर प्रवचन दिया। उन्होंने जातक कथा पर प्रवचन दिया। धर्म के वास्तविक ज्ञान से लोगों को दोष मुक्त किया जा सकता है। दूसरों को दुख देकर कभी भी सुख की अनुभूति नहीं की जा सकती। दलाई लामा मैक्लोडगंज मुख्य बौद्ध मंदिर में अपने अनुयायियों को लोसर के बाद दी जाने वाली शिक्षाओं को दे रहे थे। इस मैके पर सैकड़ों अनुयायी जुटे।

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध ने कहा था कि वह लोगों के पाप व दुखों को न जल से धो सकते हैं न हाथ से हटा सकते हैं। दुखों व कष्टों को हटाने के लिए करुणामयी भगवान के शून्य रूप को समझना होगा। बुध अपने ज्ञान को दूसरे को प्रत्यारोपित नहीं कर सकते, इसे जीव को खुद समझना होगा।

भगवान बुद्ध धर्मों की वास्तविक ज्ञान से लोगों को दोष से मुक्त करते हैं। जितने भी जीवधारी हैं, उन्हें मार्ग दिखाकर उनका मार्ग प्रशस्त करते हैं। बुध ने अपने अनुभवों के साथ इस बात को कहा है। भगवान बुद्ध ने सत्य का संदेश दिया। ह्रदयसूत्र प्रज्ञा प्रमात्मा का जातक पाठ करते हैं, तो परमात्मा रूप एक शून्य है और शून्य से हटकर कोई रूप नहीं है। शून्य के चार आकार व अलग-अलग अभिव्यक्ति की है। प्रज्ञा परमात्मा सूत्र हैं। हम लोग हर रोज शून्यता के दर्शन, विचार व चिंतन करते हैं। जब चिंतन करते हैं तो आशक्तियां हमारे शरीर में न आएं उसका मंथन करते हैं। जब तक दूसरे के दुख तकलीफों को नहीं समझें तब तक सुख को प्राप्त नहीं हो सकते। शून्यता का ज्ञान होना ही इसका लाभ है।

बुद्ध की मूल शिक्षा है कि अपने मन को स्वच्छ करना है। तिब्बत के प्रमुख देव हैं उन्हें करुणा के रूप में देखा जाता है। सभी तिब्बती लोग उन्हें करुणा का रूप मानते हैं। लोसर के बाद जातक कथा का प्रचवन देने का प्रचलन है। ह्रदय सूत्र पाठ किया गया।

मैं पूरी तरह से स्वस्थ अभी नहीं जाउंगा दिल्ली

दलाई लामा ने कहा वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अभी एम्स दिल्ली नहीं जाएंगे। उनका दिल्ली जाने का टूअर था पर वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उनके हाथ पैर अच्छे चल रहे हैं। दिल्ली निश्चत तौर पर जाने की जरूरत नहीं है, इसलिए मैंने दिल्ली न जाने का फैसला लिया है। सर्दियों में बौध गया जाने का कार्यक्रम रहता है उस समय दिल्ली जाऊंगा तब तक जाने की जरूरत नहीं हैं तो तब तक यहां आराम से रहूंगा। धर्मशाला में अच्छे से आरामदायक रहता हूं, दिल्ली जाने के कार्यक्रम को स्थगित किया है। दलाई लामा ने कहा सभी लोग मेरे स्वास्थ्य की चिंता किए बिना अच्छे से रहें।

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