शिमला जनमंच : अफसरों की कालोनियों में दिन में दो बार सप्लाई, गांवों में छह दिन बाद मिल रहा पानी #news4
May 1st, 2022 | Post by :- | 310 Views

शिमला : राजधानी शिमला के कसुम्पटी क्षेत्र में अधिकारियों की कालोनियों में दिन में दो बार पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि इन कालोनियों के पास स्थित गांव में पानी की सप्लाई पांच से छह दिन बाद हो रही है। गांव के लोग रोजाना पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर हैं।

रविवार को कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत पडऩे वाले भट्ठाकुफर फल मंडी में आयोजित जनमंच में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या का मुद्दा खूब छाया रहा। सबसे ज्यादा सवाल पीने के पानी को लेकर ही आए।

कसुम्पटी के साथ लगते मल्याणा के प्रधान हुक्म चंद और मैहली के प्रधान सुरेंद्र गर्ग ने यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह दोनों ही पंचायतें शहर के बिल्कुल साथ लगती हैं। उन्होंने कहा कि उनके गांव के साथ आफिसर कालोनी है। यहां पर शिमला जल प्रबंधन निगम दिन में दो बार पानी की सप्लाई करता है। जबकि गांव के लोगों को अपने लिए और पशुओं को पिलाने के टैंकर मंगवाना पड़ता है।

मैहली में पांच दिन बाद मिल रहा पानी

आरती वर्मा ने कहा कि पांच से छह दिन बाद मैहली में पानी की सप्लाई होती है। कभी ट्रांसफार्मर खराब होने का बहाना बनाया जाता है तो कभी कुछ और। कई स्थानों पर एसजेपीएन और जल शक्ति विभाग दोनों के कनेक्शन दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है।

अफसरों को समस्या दूर करने के निर्देश

शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इसको लेकर अफसरों को खूब फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि कालोनियों में इसलिए दिन में दो बार पानी छोड़ते हैं क्योंकि वहां पर अफसर रहते हैं। गांव में लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में भेदभाव वाली स्थिति पैदा होती है। उन्होंने शिमला जल प्रबंधन निगम और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को खूब फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि पानी की जो भी समस्या है उसे जल्द दूर करें। अफसरों ने बताया कि शिमला जल प्रबंधन निगम जल शक्ति विभाग को पानी देता है वहां से इसे ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता है। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने कहा कि गांव में पानी की नियमित सप्लाई की जा रही है। इस पर गांव के लोग भड़क गए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि इन गांवों के साथ कोटी बरांडी पेयजल योजना है। इसकी पाइपलाइन इनके गांव से होकर आती है। लोगों को पानी मिलना अधिकारी सुनिश्चत करें। इसमें कोई भी बहाना नहीं चलेगा।

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