सुंदरनगर में दुष्कर्म व हत्या के दोषी भाइयों को आजीवन कारावास की सजा, जानिए पूरा मामला #news4
December 10th, 2021 | Post by :- | 150 Views

मंडी : अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर अनुजा सूद की अदालत ने दुष्कर्म व तेजधार हथियार से हत्या करने का आरोप सिद्ध होने पर दो दोषियों को आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों दोषियों को अदालत ने अलग-अलग सजा सुनाई है।

जिला उपन्यायवादी मंडी विनय वर्मा ने बताया कि 27अगस्त, 2016 को घनश्याम सिंह निवासी कडाहरोपा डाकघर बागचनोगी तहसील थुनाग जिला मंडी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 26 अगस्त समय करीब शाम छह बजे उसकी भतीजी (मृतका) भाटकीधार सामान लेने गई थी। रात साढ़े आठ बजे पीडि़ता ने बहन को फोन किया कि अंकल (शिकायतकर्ता) को भेजो। उसे कोई रास्ते में जान से मारने की कोशिश कर रहे हैं।

सूचना मिलने पर गांव के लोग इक_ा हुए और पीडि़ता को ढूंढते हुए बुंगाधार आए। वहां रात करीब ढाई बजे पहुंचे। रास्ते में जैकेट और सामान का थैला, गिलास आदि मिले। उसके बाद ग्रामीण पीडि़ता को ढूंढते हुए 500 मीटर नीचे गए तो पीडि़ता खून से लथपथ घायल पड़ी हुई थी। उसके हाथों और गले में तेजधार हथियार से काटने के निशान थे। थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई।

घनश्याम के बयान के आधार पर गोहर थाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की छानबीन निरीक्षक चांद किशोर तत्कालीन प्रभारी थाना गोहर ने की। जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि पीडि़ता की हत्या निर्मल सिंह गांव पाटन, डाकघर बागचनोगी तहसील थुनाग और सुभाष चंद, निवासी कडाहरोपा डाकघर बागचनोगी तहसील थुनाग ने की। दोनों रिश्ते में पीडि़ता के भाई लगते हैं। एक मामा व दूसरा बुआ का बेटा है।

दोनों ने टोके और छुरी से बहन की हत्या की थी। रासायनिक परीक्षण से छानबीन के दौरान यह बात सामने आई थी कि हत्या से पहले मृतका के साथ दुष्कर्म हुआ था। छानबीन पूरी होने पर थाना प्रभारी गोहर ने मामले का चालान अदालत में दायर किया था। उक्त मामले की पैरवी तत्कालीन जिला उपन्यायवादी भीष्म चंद और वर्तमान जिला उपन्यायवादी चानन सिंह ने की थी। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 37 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्मल सिंह को हत्या करने पर आजीवन कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साक्ष्य मिटाने के आरोप में दोषी को दो साल के कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दुष्कर्म के आरोप में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

दूसरे दोषी सुभाष चंद को हत्या के आरोप में आजीवन कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अदालत ने दोषी को दो साल के अतिरिक्त कारावास व साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो साल के कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना अदा करना होगा। दोनों दोषियों की सजा एक साथ चलेंगी।

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