सिरमौर जिला में अदरक के दामों में भारी गिरावट से पच्छाद इलाके के किसान निराश #news4
November 24th, 2021 | Post by :- | 79 Views

नाहन : हिमाचल प्रदेश का अदरक पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान व तालिबान में सप्लाई ना होने के कारण भी इस बार भारी दाम गिर गए हैं। वहीं देश की विभिन्न सब्जी मंडियों में असम व बेंगलुरू अदरक की दमदार एंट्री व बंपर पैदावार से जिला सिरमौर के अदरक दामों में भारी गिरावट आ गई है। सिरमौर जिला के पच्छाद, संगडाह व शिलाई क्षेत्र के किसानों को मौजूदा समय में 40 किलोग्राम के एक भारे के 400 से 600 रुपये दाम मिल रहे हैं। यानी मंडियों में किसानों को 10 से 15 रुपये प्रतिकिलो दाम मिल रहे हैं। इससे किसानों को करारी चपत लग रही है।

किसानों को अदरक का समर्थन मूल्य न मिलने के कारण हर साल आर्थिकी पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। हिमाचल का अदरक विदेशों में न जाने की वजह से भी इसके दाम लगातार गिर रहे हैं। जिला सिरमौर में अदरक की बड़े पैमाने पर पैदावार होती है। मगर पिछले कई सालों से इसके वाजिब दाम न मिलने से किसानों की कमर टूट रही है। बताया जा रहा है कि असम का अदरक काफी मोटा व लाल किस्म का है। इसके मुकाबले सिरमौरी अदरक में लाली कम है अपेक्षाकृत कम है। सिरमौरी अदरक की बाहरी मंडियों में मांग कम होने से किसानों को स्थानीय मंडियों में ही औने-पौने दामों में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि बाजार में उपभोक्ताओं को अदरक 50 से 70 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है।

हैरानी की बात है कि किसान बीज के पैसे भी पूरे नहीं कर पा रहे हैं। सब्जी मंडी सराहां में आढ़ती हीरालाल शर्मा, हरि शर्मा, जगदीश शर्मा, सूर्य प्रकाश व संजय शर्मा ने बताया कि अदरक के दाम गिरे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी 600 से 1200 रुपये प्रति 40 किलो के हिसाब से अदरक बिका था। इस बार 400 से 600 रुपये प्रति 40 किलो मंडी में अदरक बिक रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल का अदरक पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान व तालिबान में सप्लाई न होने के कारण भी कम दाम हुए हैं। इसके अलावा आसाम व बेंगलुरू में बंपर फसल से इसका सीधा असर हिमाचल के अदरक पर पड़ा है। आढ़तियों व किसानों का कहना कि बड़ी मात्रा में किसानों ने अदरक लगाया है, लेकिन कम दाम मिलने से किसानों का मोहभंग होता जा रहा है। कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ डा. वीरेंद्र अत्री ने बताया कि देश में अदरक की बंपर फसल के चलते दामों में कमी आई है।

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