तेजी से निपटाएं लंबित मामले #news4
December 29th, 2021 | Post by :- | 134 Views

मंडी : उपायुक्त अरिदम चौधरी ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंडी में बुधवार को आयोजित जिलास्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) 1989 के तहत विभिन्न मामलों में उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि अधिनियम के तहत 2021-22 में अब तक 42 पीड़ितों को 26.70 लाख की राहत राशि जारी की गई है। 2020-21 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम), 1989 के अंतर्गत तहसीलस्तर पर जागरूकता शिविरों के आयोजनों पर 1.10 लाख रुपये खर्चे किए गए। इसके अलावा उपायुक्त ने जिले में अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण के लिए लागू 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की।

जिला प्रशासन अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का पूरा ध्यान रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जिले में 25 फीसद से अधिक अल्पसंख्यक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में 28 आंगनबाड़ी केंद्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के छह वर्ष से कम उम्र के 350 बच्चे पंजीकृत हैं जिन्हें पोषाहार प्रदान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय की 50 गर्भवती, धात्री माताओं को पोषाहार व अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन व समवर्गी क्रियाकलापों में प्रशिक्षण एवं दक्षता वृद्धि योजना तथा नशा मुक्ति भारत अभियान की भी समीक्षा की। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डा. देवेंद्र शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी आरसी बंसल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक, जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम, क्षेत्रीय रोजगार अधिकारी एसआर कपूर व अन्य मौजूद रहे।

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137 भवन दिव्यांगों के लिए सुगम्य बनेंगे

बैठक में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए मेधावी छात्रवृत्ति, तकनीकी शिक्षा के माध्यम से कौशल विकास भत्ता जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बताया कि सुगम्य भारत अभियान के तहत दूसरे चरण के अंतर्गत प्रदेश सरकार की ओर से चयनित 14 शहरों में से मंडी व सुंदरनगर शहर का चयन किया गया है, जिसके तहत दोनों शहरों के 137 सरकारी कार्यालय भवनों को दिव्यांगों के लिए सुगम्य बनाया जाएगा।

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