हिमाचल: कोटरोपी में फिर पहाड़ दरकने की आशंका, पांच साल पहले गई थी 50 लोगों की जान, प्रशासन ने खाली करवाए गांव #news4
August 21st, 2022 | Post by :- | 137 Views

हिमाचल के मंडी जिले में कोटरोपी की पहाड़ियों में फिर पानी जमा हो गया है। 2017 में भी यहां इसी वजह से हादसा हुआ था और पहाड़ दरकने से 50 लोगों की मौत हुई थी। यहां नमक की चट्टानें हैं। पहाड़ गल गए हैं और किसी भी वक्त दरककर जानमाल का नुकसान कर सकते हैं। पहाड़ के नीचे मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे है। प्रशासन और पुलिस ने रविवार को यहां स्थिति का जायजा लिया है। यह आबादी वाला क्षेत्र है।

प्रशासन ने खतरे की आशंका को देखते हुए गांव खाली करवाए हैं। वहीं कोटरोपी घटनास्थल पर दूसरे दिन भी राहत कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यहां नेशनल हाईवे की सड़क पूरी तरह धंस गई है। सड़क से पीछे बनी तलाई का रिसाव होने से दो गहरी खाइयां बनकर तैयार हो गई हैं। जहां अब एनएच को पूरी तरह बहाल होने में एक माह तक का समय लग सकता है।

राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण मंडलीय कार्यलय पालमपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल सेन ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि घटनास्थल जमीन लगातार धंस रही है। जिस वजह से राहत कार्य और एनएच को रिस्टोर करने में खासा समय लगेगा। हर रोज धंस रही जमीन की स्थिति अनुसार पच्चीस से तीस दिन का समय सड़क बहाल होने में लग सकता है।

एनएच बंद होने की दशा में प्रशासन द्वारा ट्रैफिक वैकल्पिक मार्ग पधर- डायनापार्क- झटिंगरी-घटासनी होकर डायवर्ट किया जा रहा है। जबकि जोगेंद्रनगर-पधर वाया नौहली मार्ग सात दिनों से बंद है। जिस वजह से एनएच से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीसी मंडी अरिंदम चौधरी ने रविवार को भू-विशेषज्ञों के दल के साथ पधर के बधौनीधार से ड्रोन के माध्यम से कोटरोपी और गवाली के पुंदल गांव में दरक रही पहाड़ी का जायजा लिया। उन्होंने उपमंडल प्रशासन को घटनास्थल पर एहतियात बरतने के दिशा निर्देश दिए। वहीं स्पॉट में पैदल आवाजाही के दौरान मौसम को देखते हुए समूह में क्रासिंग करवाने को कहा।

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