करियर बनाने के लिए अपनाये यह टिप्स
April 21st, 2020 | Post by :- | 108 Views

आज मेहनत या पसीना बहाने वालों को ही बेहतर काम नहीं मिलता है । करियर की दौड़ में कछुआ चाल कामयाबी की गारंटी हरगिज़ नहीं हो सकती है। इसके साथ ही आज तेज-तर्रार खरगोश ही सफलता का पर्याय माना जाता है। वहीं करियर बनाने के इन दस टिप्स से आप सफलता हासिल कर सकते हैं।

खुद में एक्सिलेंस लाएं- मौजूदा परिस्थिति में किताबी कीड़ा बनकर या डिग्रियों का ढेर लगाकर सफलता की कामना नहीं की जा सकती है। अपने अंदर झांककर अपनी प्रतिभा को टटोलें कि किन क्षेत्रों में आप अपनी दक्षता को विकसित कर बाजी मार सकते हैं। जो क्षेत्र आपको सर्वाधिक उपयुक्त लगे, उसमें विशेषज्ञों की सलाह लेकर अपना कौशल बढ़ाएं।

आत्मविश्वास विकसित करें- जीवन के कुरुक्षेत्र में आधी लड़ाई तो आत्मविश्वास द्वारा ही लड़ी जाती है। यदि योग्यता के साथ आत्मविश्वास विकसित किया जाए तो करियर के कुरुक्षेत्र में आपको कोई पराजित नहीं कर पाएगा। अध्ययन के साथ-साथ उन गतिविधियों में भी हिस्सा लें, जिनसे आपका आत्मविश्वास बढ़े। कार्यशालाओं और व्यक्तित्व विकास वाली संस्थाओं में यही सब तो किया जाता है।

कॉन्टैक्ट बढ़ाएं- याद रखें यह जमाना ही सूचना प्रौद्योगिकी का है। यहां जितनी जानकारी, जितनी सूचनाएं आपके पास होंगी, करियर निर्माण की राह उतनी ही आसान होगी। कूपमंडूकता छोड़ें, ज्यादा से ज्यादा लोगों से मिलें, उन्हें अपनी जानकारी दें, उनकी जानकारी लें। आपके जानने वालों का संजाल जितना लंबा होगा सफलता उतनी ही आपके करीब होगी। क्योंकि संपर्क, सफलता में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है।

तकनीक के साथ साथ चलें- पुराना भले ही सुहाना माना जाता हो, लेकिन आज की प्रतिस्पर्धा में नई तकनीक का महत्व नकारा नहीं जा सकता है। किसी भी क्षेत्र में प्रवेश से पहले पूछा जाता है, क्या कम्प्यूटर चलाना आता है? कम्प्यूटर के आधारभूत ज्ञान के बजाय थोड़ी ज्यादा दिलचस्पी दिखाएं क्योंकि यही वह अलादीन है, जो करियर निर्माण की हर मांग को पूरा कर सकता है।

परिवार से मुंह न मोड़ें- अकसर देखा गया है कि करियर निर्माण की चिंता में लोग घर-परिवार को भूल जाते हैं। परेशानी और तकलीफ के वक्त परिवार ही काम आता है, इसलिए परिवार को पर्याप्त समय दें। पारिवारिक आमोद-प्रमोद से करियर का संघर्ष आसान हो जाता है तथा आप तनावमुक्त होकर करियर निर्माण की राह पर अग्रसर हो सकते हैं।

दूसरों से व्यवहार करना सीखें- आपका संघर्ष, आपकी परेशानी नितांत निजी मामला है। इसका असर दूसरों के साथ अपने व्यवहार में न आने दें। जो सभी के साथ मिलकर काम करना सीख लेता है वह पीछे मुड़कर नहीं देखता क्योंकि टीमवर्क के रूप में कार्य करना ही मैनेजमेंट का मूलमंत्र है।

डींगें न हांकें, ईमानदार रहें- झूठ ज्यादा देर टिकता नहीं है। अपने बारे में सही आकलन कर वास्तविक तस्वीर पेश करें। निष्ठापूर्ण व्यवहार की सभी कद्र करते हैं। अपने काम के प्रति आपकी ईमानदारी आपको करियर निर्माण में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है। भूलें नहीं, कार्य ही पूजा है।

ओवर एंबिशियस न बनें- प्रत्येक इंसान में महत्वाकांक्षा का होना जितना अच्छा है, उसकी अतिमहत्वाकांक्षा उतनी ही नुकसानदायक होती है क्योंकि ‘अति सर्वत्र वर्जयेत।’ किसी करिश्मे की उम्मीद न करें। सभी चीजें समय पर ही मिलती हैं। पहले अनुभव प्राप्त करें, फिर आकांक्षा करें।

वक्त के अनुसार खुद को बदलें- आज करियर निर्माण बाजार में उपलब्ध उपभोक्ता वस्तुओं की तरह हो गया है। प्रतिस्पर्धा के बाजार में वही वस्तु टिक सकती है, जिसमें समयानुसार ढलने की प्रवृत्ति हो। करियर के बाजार में अपना मूल्य समझें और स्वयं को बिकाऊ बनाने का प्रयास करें। ध्यान रहे ‘परिवर्तन ही संसार का नियम है।’

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