कोरोना पर सेना की एडवाइजरी / पहली बार 35% अधिकारी और 50% जेसीओ 23 मार्च से 1 हफ्ते तक घर से काम करेंगे, सैनिकों की छुट्टियां 15 अप्रैल तक बढ़ाई गईं
March 21st, 2020 | Post by :- | 230 Views

बुधवार को भारतीय सेना के एक जवान के कोरोनावायरस से संक्रमित होने का पहला मामला सामने आया था। इसके बाद सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार को संक्रमण से निपटने के लिए आर्मी की तैयारियों का जायजा लिया। सेना में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। नई एडवाइजरी के मुताबिक, 23 मार्च से सेना के 35% अधिकारी और 50% जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) एक हफ्ते तक होम आइसोलेशन में रहते हुए घर से काम करेंगे। जनरल नरवणे ने बताया कि सेना का पहला समूह 23 मार्च से आइसोलेशन में जाएगा। इसके बाद दूसरे समूह का होम आइसोलेशन 30 मार्च से शुरू होगा।

सेना मुख्यालय में कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या कम करने का फैसला भी किया गया है। 23 मार्च से केवल वही लोग आर्मी हेडक्वार्टर आएंगे, जो इमरजेंसी सर्विसेस से जुड़े हैं। इसके साथ ही सेना मुख्यालय पर भीड़ न हो, इसके लिए ऑफिस के समय को दो भागों में बांटा गया है। इसके मुताबिक, ऑफिस का पहला समय सुबह नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक और दूसरा सुबह पौने दस बजे से सवा छह बजे तक रहेगा। सेना की तरफ से जारी एडवाइजरी में इस बात का खास उल्लेख है कि आइसोलेशन में जाने वाले समूह एक-दूसरे से मिलने से बचेंगे और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए संपर्क में रहेंगे।

सेना में ट्रांसफर-पोस्टिंग पर पाबंदी

नई एडवाइजरी में सेना में ट्रांसफर और पोस्टिंग पर भी रोक लगाने की बात कही गई है। सभी रैंक की अस्थाई ड्यूटी 15 अप्रैल तक के लिए निरस्त कर दी गई है या उसे रीशेड्यूल किया गया है। वहीं, पहले से छुट्टी पर गए जवानों की छुट्टियां 15 अप्रैल तक बढ़ा दी गई हैं।

अधिकारियों की विदेश यात्रा पर रोक

कोरोनावायरस से बचाव के लिए 15 अप्रैल तक अधिकारियों के किसी भी असाइनमेंट पर विदेश जाने पर रोक लगा दी गई है। सेना ने सभी कॉन्फ्रेंस और सेमिनार भी 15 अप्रैल तक टाल दिए गए हैं। वहीं, सेना के एनुअल मेडिकल एग्जामिनेशन (एएमई) और पीरियोडिक मेडिकल एग्जामिनेशन (पीएमई) भी 15 अप्रैल तक टाल दिए गए हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।