टीसीपी से मुक्ति दिलाओं, जन प्रतिनिधियों की गोविंद ठाकुर से गुहार
September 25th, 2019 | Post by :- | 350 Views

नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) उप-समिति के सदस्य वन, परिवहन व युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर द्वारा रखी जनसुनवाई में मनाली उपमण्डल की ग्राम पंचायतों के लोगों ने एकजुट टीसीपी से संबंधित क्षेत्रों को बाहर करने की गुहार लगाई। अनेक लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में टीसीपी के नियम-कानून में छूट देने का आग्रह किया। वहीं कुछ लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थतियों विशेषकर भूमि की अनुपलब्धता को ध्यान मेें रखते हुए अधिनियम से निजात पाने के लिए मंत्री से आग्रह किया। कुछ लोगों ने टीसीपी में मिलने वाली सीवरेज, साफ सफाई इत्यादि जैसी सुविधाओं को मुहैया करवाने का अनुरोध किया।
जन सुनवाई के लिए निश्चित किया गया परिधि गृह को
गोविंद सिंह ठाकुर ने मनाली उपमण्डल के लिए परिधि गृह मनाली के प्रांगण में खुला दरबार लगा कर जन मन की बात जानी। जन प्रतिनिधियों ने और आम लोगों ने बारी-बारी बेबाकी के साथ अपने विधायक एवं वन मंत्री से अपनी वेदना बताई। वन मंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के लोगों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी निर्वहन करने और अपने प्रति ईमानदार रहने का आग्रह करते हुए कहा कि कोई भी नियम-अधिनियम लोगों की भलाई के लिए बनाए जाते हैं। हम समझते हैं कि क्षेत्र विशेष की स्थितियों को देखते हुए कुछ खामियां हैं, जिन्हें अवश्य दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।
दो बिस्वा भूमि में कैसे बनाएं आशियाना
ग्रामीण लोगों ने कहा कि जिन गरीब लोगों के पास केवल दो या तीन बिस्वा भूमि है, वे टीसीपी अधिनियम के चलते अपना आशियाना कैसे बनाएं। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अढाई मंजिल में अपना गुजर बसर तो कर लेंगे, लेकिन दो लड़के हैं तो शादी के बाद कहां जाएंगे। लोगों ने कहा कि एनजीटी की आड़ में टीसीपी सख्ती बरत रही है।
मंत्री ने कहा राहत देना सरकार की मंशा, लेकिन कानून की भी हो पालना
गोविंद ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री लोगों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील हैं, इसीलिए उन्होंने उप समिति का गठन किया है। प्रदेश भर में लोगों के सुझाव लेने के लिए ही सभी जिलों और उपमण्डलों में जन सुनवाई रखी गई हैं। अनेक पहलुओं पर गहन विचार विमर्श और कानूनी परामर्श के उपरांत निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम स्वयं अपनी सुविधाओं में बाधा बनते हैं। कोई बीमार हो जाए तो एम्बुलेन्स गुजरने तक रास्ता नहीं है। दूसरे का हवा-पानी बंद करने की होड़ है तो ऐसे में स्वस्थ समाज और वातावरण की परिकल्पना कैसे पूरी होगी। हम सभी को एक संकीर्ण लाईन से हटकर सोचना होगा।
टीसीपी से अक्सर रहती है शिकायत
लोगों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि योजना क्षेत्र में होने के कारण बिजली, पानी के कनेक्शन के लिए टीसीपी दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते हैं । मकान के नक्शे पास करवाने में दिक्कत आती है। टीसीपी प्रावधानों के कारण गांवों में मकान, पशु शालाएँ बनाते हुए भवन के आगे व पीछे जमीन छोडऩी पड़ती है, जिससे पहले ही कम भवन लायक भूमि के कारण गरीब ग्रामीणों को बड़ी कठिनाई होती है।
मंत्री के अधिकारियों को सख्त निर्देश, लोगों की दिक्कतों को समझें
वन मंत्री ने अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी कि कार्यालयों में आने वाले लोगों की छोटी-छोटी समस्याओं का अविलंब समाधान करें। लोग हाथ जोड़ कर आपके समक्ष आते हैं और अनेक बार अधिकारी तक पहुंचने से पहले निचले स्तर से ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि गरीब लोगों को कार्यालय के चक्कर न लगवाए जाएं और प्राथमिकता के आधार पर उनकी सुनवाई हो। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की योजनाकार रीता महेंदू्र ने लोगों को टीसीपी अधिनियम की जानकारी दी, साथ ही उन्होंने लोगों की अनेक शंकाओं का भी समाधान किया।
इस अवसर पर नगर परिषद मनाली की अध्यक्ष नीना ठाकुर, प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर, भाजपा मंडल महामंत्री ठाकुर दास, एसडीएम रमन घरसंघी, होटल एसोसियेशन के प्रधान अनूप ठाकुर सहित क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधि व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।