कोरोना संकट में घर पर विशेष पाठ्यक्रम से नीट की तैयारियां कर रहे स्कूली विद्यार्थी, कायाकल्प के अंतर्गत मिशन-100 का लक्ष्य निर्धारित….
April 10th, 2020 | Post by :- | 165 Views

कोरोना संकट में घर पर विशेष पाठ्यक्रम से नीट की तैयारियां कर रहे स्कूली विद्यार्थी, कायाकल्प के अंतर्गत मिशन-100 का लक्ष्य निर्धारित, जिला प्रशासन ने टेबलेट उपलब्ध करवाकर की नई पहल

नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 की विपदा से निपटने में दिन-रात जुटे जिला प्रशासन ने बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखा है। कायाकल्प कार्यक्रम इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला से इस बार नेशनल एलीजिबिल्टी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में जमा दो कक्षा के 100 बच्चों को प्रवेश दिलवाने के लिए मिशन-100 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उपायुक्त श्री हरिकेश मीणा ने बताया कि इस संकटकाल में बच्चे सही ढंग से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसके लिए कायाकल्प की पूरी टीम मेहनत कर रही है। कोरोना महामारी के चलते शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और एमबीबीएस तथा बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) की तिथियों में भी फेरबदल किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों से जोड़े रखना अपने आप में चुनौती रही है, मगर कायाकल्प की टीम ने इसे स्वीकार करते हुए ऑनलाईन व ऑफलाईन माध्यमों से पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाने की पहल की है।

इसके लिए राजस्थान के कोटा स्थित ई-सरल पोर्टल के सहयोग से 650 घंटे का एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें फीजिक्स, कैमिस्ट्री व बॉयोलॉजी इत्यादि सभी विषय शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम एसडी कार्ड पर एक टेबलेट में अपलोड कर मेधावी बच्चों को प्रदान किया गया है। पिछले आठ माह से कायाकल्प में भाग ले रहे जमा दो कक्षा के लगभग 1800 छात्रों में से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले टॉप 100 बच्चों का चयन इसके लिए किया गया है। इस टेबलेट की विशेषता यह है कि इसमें केवल ई-सरल पोर्टल ही खुलेगा। बच्चों को ईयर फोन सहित अन्य एसेसरीज भी दी गई हैं। तीन दिन पढ़ाई के उपरांत चौथे दिन अभ्यास परीक्षा (मॉक टेस्ट) ली जा रही है, जिसके लिए उन्हें टेबलेट पर ही ऑनलाईन टेस्ट की सुविधा दी गई है। प्रयास यही है कि बच्चों को घर-द्वार पर प्रतिस्पर्द्धा के अंदाज में तैयारियां करवाई जाएं।

उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षा की तिथियों में फेरबदल के कारण यहां अभ्यास परीक्षाओं की समय-सारणी में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में निर्धारित मॉक टेस्ट की अब पुनः तिथियां तय की जाएंगी और तब तक ऑनलाईन माध्यम से टेस्ट लिए जा रहे हैं। ऐसा ही एक टेस्ट 09 अप्रैल, 2020 को लिया गया, जिसमें बच्चों ने काफी उत्साह से भाग लिया। उन्होंने स्वयं टेलीफोन के माध्यम से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जो भी उम्मीदें परिजनों, शिक्षकों एवं जिला प्रशासन ने इन बच्चों से लगा रखी हैं, उसमें यह खरा उतरेंगे और इस विकट स्थिति में भी एक लक्ष्य निर्धारित करते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल होंगे। उन्होंने उप निदेशक (उच्च शिक्षा) सहित कायाकाल्प से जुड़े सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं संस्थानों का सहयोग के लिए आभार भी जताया है।

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