हिमाचल विधानसभा: गोवंश सड़कों पर छोड़ने वालों को होगी सजा, कानून में संशोधन करेगी सरकार #news4
March 11th, 2022 | Post by :- | 99 Views
हिमाचल प्रदेश में गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वालों को सजा देने का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए सरकार एनिमल एक्ट 1871 को संशोधित करेगी। शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पशुपालन मंत्री मंत्री वीरेंद्र कंवर ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि दो माह में सभी गोवंश को टैग लगाने का काम पूरा होगा। केंद्र सरकार से इस बाबत मंजूरी मिल गई है। उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट को लेकर भी नीतिगत फैसला लेने का विधानसभा में आश्वासन दिया। विधायक नरेंद्र ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान हमीरपुर जिले में गो सदनों और गो अभ्यारण्यों को लेकर जानकारी मांगी।

जवाब में पशुपालन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 की गणना के अनुसार कुल 24.74 लाख पशु धन प्रदेश में है। इसमें से 18 लाख गोवंश है। करीब 36 हजार गोवंश सड़कों पर है। सरकार ने गोवंश को टैग लगाने का 85 फीसदी काम पूरा कर लिया है। अब दो माह के भीतर शेष 15 फीसदी को भी कवर कर लिया जाएगा। गोवंश की पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। खरीद व बिक्री की जानकारी भी इसमें शामिल होगी। इससे यह जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी कि सड़कों पर लावारिस छोड़ा गया गोवंश किसका है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा बजट सत्र: मंत्री बोले- उत्तराखंड और पंजाब में आपके मुख्यमंत्री के चेहरे ही हार गए

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र में शुक्र वार को सदन में पड़ोसी राज्य पंजाब और उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे पर खूब व्यंग्य तीर छोड़े। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि भाजपा वालों दूसरों की जीत का जश्न मत मनाओ। दुनिया में जो भी आए पर हिमाचल में सिर्फ कांग्रेस ही सत्ता में आएगी।

अग्निहोत्री ने प्रश्नकाल के  बाद भाजपा पर जैसे ही यह व्यंग्य किया तो मंत्री महेंद्र सिंह ने पलटकर कहा कि उत्तराखंड और पंजाब में आपके मुख्यमंत्री के चेहरे ही हार गए और अब क्या कहा जाए। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में ही यही कुछ देखने को मिलेगा।  इस पर मुके श ने जवाबी हमला करते हुए कहा, पहले ध से धूमल और अब  ध से धामी भी मुख्यमंत्री रहते हुए हार गए हैं। आप कांग्रेस के मुख्यमंत्री के चेहरों की हार की बात कह रहे हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।