घाटे में हिमाचल सरकार के निगम और बोर्ड, हजारों करोड़ में पहुंचा 13 सार्वजनिक उमक्रमों का घाटा
March 10th, 2020 | Post by :- | 165 Views

प्रदेश सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों का घाटा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। घाटे को दूर करने के सरकार के प्रयास विफल रहे हैं। सरकार के 13 निगम व बोर्ड घाटे में हैं। इन उपक्रमों का घाटा 3443 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य विद्युत बोर्ड 1531 करोड़ रुपये के घाटे से गुजर रहा है। हालत यह है कि दूसरों के घरों को रोशन करने वाला विद्युत बोर्ड लाभ कमाने में विफल रहा है।

सरकार की ओर से घाटे से गुजर रहे उपक्रमों के लिए ठोस नीति का अभाव है। प्रदेश सरकार ने निगमों व बोर्डों की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को टारगेट दिए थे। प्रदेश सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय स्थिति को लेकर वित्त विभाग की ओर से पेश रिपोर्ट में यह बात पता चली है। हालत यह है कि सभी निगम-बोर्ड व्यवसायिक तौर पर बाजार में बिक रहे उत्पादों का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है।

इन उपक्रमों को मामूली मुनाफा

  • राज्य पूर्व सैनिक निगम, 49 करोड़
  • राज्य औद्योगिक विकास निगम, 65 करोड़
  • राज्य सामान्य उद्योग विकास निगम, 32 करोड़
  • आवास एवं शहरी विकास निगम, 4 करोड़
  • राज्य खाद्य आपूर्ति निगम, 36 करोड़
  • इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, 7 करोड़
  • राज्य महिला विकास निगम, 2 करोड़
  • राज्य खादी एवं ग्रामद्योग बोर्ड, 1 करोड़
  • पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, 10 करोड़
  • कौशल विकास निगम, 4 करोड़

घाटे के निगम-बोर्ड

  • निगम-बोर्ड, घाटे की राशि
  • राज्य विद्युत बोर्ड, 1531 करोड़
  • राज्य परिवहन निगम, 1387 करोड़
  • राज्य वित्त निगम, 160 करोड़
  • राज्य ऊर्जा निगम, 212 करोड़
  • राज्य ऊर्जा ट्रांसमिशन निगम, 53 करोड़
  • राज्य पर्यटन विकास निगम, 33 करोड़
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम, 24 करोड़
  • एग्रो इंडस्ट्रीज निगम, 11 करोड़
  • बागवानी उत्पाद एवं विपणन निगम, 87 करोड़
  • राज्य वन निगम, 113 करोड़
  • हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम, 13 करोड़
  • राज्य दुग्ध उत्पादक संघ, 19 करोड़
  • राज्य अल्पसंख्यक विकास निगम, 7 करोड़

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