हिमाचल: प्रांत संघचालक बोले- ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म में वास्तविकता, सभी को देखनी चाहिए #news4
March 15th, 2022 | Post by :- | 120 Views

स्वयंसेवक संघ के हिमाचल प्रांत संघचालक प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने मंगलवार को प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को एजेंडा कहने वाले गलत हैं। ये उन्हीं का एजेंडा है। ये तो वास्तविकता है। 1990 में कश्मीरी हिंदुओं को कैसे भून दिया था, कैसे चीरहरण किया गया था। कैसे घोषणाएं की थीं कि कश्मीर को खाली कर दो। विवेक अग्निहोत्री और अनुपम खेर जैसे लोगों ने तो इस विभीषिका का दंश झेला। इसे पूरे देश को देखना चाहिए। इससे समाज को सही बातें मालूम होंगी।

प्रो. वीर सिंह रांगड़ा ने कहा कि इस साल जनवरी से लेकर 13 मार्च तक ढाई महीने में 19,048 नए लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुडे़। ये वे लोग हैं जिनका संघ से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वेबसाइट में ‘ज्वाइन आरएसएस’ लिंक से बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। ये वे लोग हैं जो संघ के स्वयंसेवक नहीं हैं, बल्कि गैर स्वयंसेवक हैं। नए लोगों की संघ में आस्था बहुत तेजी से बढ़ रही है। कार्य विस्तारक दृष्टि से शताब्दी विस्तार योजना चल रही है। हिमाचल प्रदेश में संघ के 1155 मंडल हैं। वर्ष 2025 तक संघ के हर मंडल में एक विस्तार लगाया जाएगा। विस्तारक संघ कार्य का विस्तार करेंगे।

प्रो. रांगड़ा ने कहा कि आरएसएस की वेबसाइट से 2017 में 125726, 2018 में डेढ़ लाख, 2019 में 129520, 2020 में 132500 और 2021 में 106154 नए लोग संघ से जुडे़ हैं। कार्य विस्तारक दृष्टि से शताब्दी विस्तार योजना चल रही है। इसमें युवाओं से विस्तारक के  रूप में एक या दो साल का समय लिया जा रहा है। संघ 1925 में बना था। 2025 में शताब्दी वर्ष है तो एक विस्तृत योजना बन रही है। कोविड काल में शाखाएं कम हो गईं। अब 98.6 प्रतिशत संघ का कार्य शुरू हो चुका है। हिमाचल में संघ की 765 दैनिक शाखाएं, 286 साप्ताहिक मिलन और 72 मासिक मंडलियां चल रही हैं। पत्रकार वार्ता में शिमला विभाग के संघचालक राजकुमार वर्मा और प्रांत प्रचार प्रमुख महीधर प्रसाद भी उपस्थित रहे।

हिमाचल में युवाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में काम होगा 
रांगड़ा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक गुजरात के कर्णावती में 11 मार्च से 13 मार्च के बीच हुई। इसमें ‘भारत को स्वावलंबी बनाने के लिए कार्यों के अवसर बढ़ाना जरूरी’ विषय पर एक प्रस्ताव पारित किया गया। कोविड काल में रोजगार और आजीविका पर उसके प्रभावों का अनुभव किया। इस दिशा में हिमाचल में काम होगा। सरकार को भी सुझाव दिए जाएंगे।

समानांतर सरकार चलानी होती तो अपने नाम से चुनाव लड़ता संघ
आरएसएस पर बार-बार लगते समानांतर सरकार चलाने के आरोप पर रांगड़ा बोले कि संघ ने ऐसा करना होता यह तो अपने नाम से चुनाव लड़ता। अब तो शताब्दी होने वाली है। अगर ऐसी सत्ता लिप्सा होती तो खुद चुनाव लड़ता। राज्य की नीतियों के बारे में सरकार के लोग खुद देखते हैं। वे स्वतंत्र और स्वायत्त होते हैं। स्वयंसेवक इस तरह की बातों से दूर रहता है।

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