हिमाचल: घर से ही सेवानिवृत हो जाएंगे सरकारी कर्मी, पीएफ निकालने की शर्तों में ढील
March 31st, 2020 | Post by :- | 160 Views

31 मार्च 2020 को हिमाचल सरकार के कई अधिकारी व कर्मचारी घर पर बैठे ही सेवानिवृत हो जाएंगे। प्रदेश सरकार ने कर्फ्यू व लॉकडाउन के चलते अब 31 मार्च को सेवानिवृत हो रहे कर्मचारियों को चार्ज छोड़ने या किसी अन्य अफसर को देने के लिए कार्यालय न आने के आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार ने कहा है कि जिस अधिकारी-कर्मचारी की इस लॉकडाउन के दौरान सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए हैं वह 31 मार्च को सेवानिवृत हो जाएंगे। उनकी सेवानिवृति की प्रक्रिया लॉकडाउन खत्म होने के बाद अलग से आदेश जारी कर पूरी की जाएगी।  ईपीएफ से निकाल सकेंगे 75 प्रतिशत रकम
वहीं, कर्मचारी भविष्य निधि सगंठन (ईपीएफओ) ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित होने पर पीएफ राशि निकालने की शर्तों में ढील व छूट दी है। सरकार की ओर से घोषित महामारी अथवा विश्वव्यापी बीमारी से प्रभावित क्षेत्र की किसी स्थापना या फैक्टरी में कार्यरत भविष्य निधि योजना के किसी भी सदस्य से आवेदन प्राप्त होने पर ऐसे सदस्य के भविष्य निधि खाते से उसके तीन माह के मूल वेतन और महंगाई भत्ते या उसके खाते में जमा राशि के 75 प्रतिशत तक के नॉन रिफंडेबल अग्रिम, जो भी राशि कम है की निकासी कर सकते हैं। इसकी अधिसूचना सरकार ने 28 मार्च 2020 को कर दी है।  इसकी पुष्टि क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सुदर्शन कुमार ने की है।

तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को एक माह का सेवाविस्तार
सरकार ने करोना वायरस के खतरों को देखते हुए तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को एक माह का सेवावस्तार दिया है, जो 31 मार्च, 2020 को रिटायर हो रहे हैं। प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने सोमवार को आदेश भी जारी कर दिए हैं। ये तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रदेश से विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि कोरोना को देखते हुए इनकी 30 अप्रैल तक सेवाएं जारी रहेंगी।

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