ऊना में समूर खड्ड पर बना हिमाचल का पहला बहुद्देश्‍यीय डैम, पेयजल दिक्‍कत दूर होने के अलावा ये फायदे होंगे #news4
March 6th, 2022 | Post by :- | 329 Views

ऊना : जिला ऊना के कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ते समूर खड्ड पर राज्य का पहला बहुद्देश्‍यीय डैम निर्मित किया गया है। इसको बनाने के लिए 16.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र के कई गांवाें में पानी की विकराल समस्या के समाधान को लेकर इन गांवों में बरसात के पानी के बहाव को समूर खड्ड में 10 किलोमीटर लंबे कैचमेंट क्षेत्र के लिए बनाया गया है, ताकि यह पानी स्वां खड्ड में न मिल सके।

सिंचाई व जलस्‍तर बढ़ाने में होगा उपयोग

इस बांध के माध्यम से इस पानी को वापस इन पथरीले गांवों की सिंचाई और जमीन में जलस्तर को बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाएगा। इस बांध में 767 मिलियन लीटर बरसात के पानी का जल संग्रह किया जा सकेगा जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के 5580 लोगों को होगा। इस बांध का पानी समूर कलां, समूर खड्ड, खुर्द, लमलैहड़ी, वाउल उपरली, वांल झीकली, करवलाईन सराहल, परनोलियां सनहाल, मनोनियां सनहाल और बहल गांवों में हरियाली व ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी। इस डैम से इस क्षेत्र के सूखे पड़े 44 हैंडपंप तथा 31 कुओं को रिचार्ज करने में भी मदद मिलेगी।

233 हेक्‍टेयर फसल को वर्षभर सिंचाई सुविधा

इस जलाश्य से पहाड़ी पथरीले गांवों की 233 हेक्टेयर फसल को वर्ष भर पर्याप्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की जा सकेगी, जोकि इस समय गर्मियों में सूखे की मार झेलते हैं। इस बांध की वजह से क्षेत्र में किसानों ने शिवा परियोजना के अंतर्गत, अनार, लीची, मौसमी जैसे फलों की खेती शुरू की है, जबकि इससे पहले किसानों को सिंचाई सुविधाओं में कमी की वजह से मात्र एक फसल से ही संतोष करना पड़ता था। इस बांध के नैसर्गिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कुटलैहड़ पर्यटन विकास समिति के तत्वाधान में ढांचागत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बताना जरूरी है कि इस परियोजना के निर्माण का कार्य पूर्व सीएम प्रो. प्रेम कुमार धूमल की सरकार के समय शुरू किया गया था। बेशक क्षेत्र में भाजपा के विधायक वीरेंद्र कंवर बने थे, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के कारण इस बांध का काम ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, लेकिन अब प्रदेश में पुन: भाजपा सरकार बनने पर मंत्री वीरेंद्र कंवर की इस योजना को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट मुहैया करवाया।

क्या कहते हैं मंत्री

राज्य के पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया कि कुटलैहड़ क्षेत्र के पथरीले पहाड़ी गांवों में बरसात में पानी नहीं टिक पाता है। यह पानी, पथरीली धरती होने की वजह से बहकर नीचे घाटी में चला जाता है, जिससे घाटी का जलस्तर तो बढ़ जाता है लेकिन इन गांवों में पेयजल सिंचाई के लिए पानी की स्थायी दिक्कत बनी रहती है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।