होली पर्व / आध्यात्मिक और वैज्ञानिक नजरिये से हर रंग का है विशेष महत्व
March 9th, 2020 | Post by :- | 129 Views

होली एक प्राचीन भारतीय त्योहार है। देश के अलग अलग हिस्सों मे होली के त्योहार को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। होली पर्व हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। कहना गलत नहीं होगा कि होली आनंद और उल्लास का पर्व है। होली आमोद-प्रमोद के लिए मनाया जाने वाला खुशियों का त्योहार है। बुराई पर अच्छाई की विजय, असत्य पर सत्य और शत्रुता पर मित्रता की स्थापना का यह पर्व विलक्षण एवं अद्भुत है। होली पर रंगों का इस्तेमाल केवल मस्ती या मजे के लिए ही नहीं किया जाता, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी इन रंगों का विशेष महत्व है।

रंगों का महत्व 

1.लाल

ये रंग शक्ति और शक्ति की भावना को प्रेरित करता है। यह गुस्से को भी दर्शाता है, इसे मंगल ग्रह का रंग भी कहा जाता है। लाल रंग खुशी को भी दर्शाता है। यह वैवाहिक जीवन का प्रतीक है। लाल रंग ऊर्जा , साहस, महत्वाकांक्षा, क्रोध, उत्तेजना, उत्साह और पराक्रम का भी प्रतीक है। धार्मिक दृष्टि से भी लाल रंग का अत्यधि‍क महत्व है। देवी साधना में यह बेहद महत्वपूर्ण है। लाल रंग महत्वकांक्षा और दृढ़ संकल्प को बढ़ावा देता हैं। ये रंग हमारे अंदर भावनाओं को उत्तेजित करता है। यही वो रंग है जो हमे कदम उठाने के लिए प्रेरित करता है।

2. हरा

ये रंग शीतलता, ताजगी, हरियाली, सकारात्मकता, परिवर्तनशीलता, गौरव, प्रसन्नता का प्रतीक है। यह आत्मविश्वास और शीतलता प्रदान करता है। ये रंग सौभाग्य और समृद्धि का भी सूचक है। हरियाली देखने से बेहद सुकून मिलता है। हरे रंग का इस्तेमाल सेहतमंद रखता है और आपमें नवीनता का संचार करता है। जिस प्रकार प्रकृति जीवन का संदेश देती है, उसी प्रकार इस रंग से भी जीवन का गहरा संबंध है।

3. नीला

फेंगशुई में नीले रंग को प्रगति और सकारात्मक परिवर्तन का रंग बताया गया है। इसका उचित तरीके से प्रयोग किया जाए तो यह घर के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ कराता है, चिंता से मुक्ति देता है और आर्थिक व बौद्धिक प्रगति प्रदान करता है। नीला रंग पानी की ही तरह चंचल, गतिमान और जीवनदायिनी शक्ति प्रदान करता है। फेंगशुई कहता है कि अगर अपने आसपास नीले रंग का प्रयोग किया जाए तो यह इच्छापूर्ति में मदद करता है।

4. पीला

इस रंग का संबंध देवगुरु बृहस्पति से भी माना गया है। यह सूर्य के चमकदार हिस्से वाला रंग है। यह रंग स्वभाव से गर्म और ऊर्जा पैदा करने वाला होता है। ये रंग आरोग्य, शांति, सुकून, योग्यता, ऐश्वर्य और यश को दर्शाता है। यह बौद्धिक विकास को भी दर्शाता है और खुशी का अनुभव कराता है। ये रंग स्पष्टवादिता का भी प्रतीक है। पीला सूर्य का रंग है। सूर्य की किरणें जिस प्रकार अंधकार का विनाश करती हैं, उसी तरह ये मनुष्य के हृदय में बसी बुरी भावनाओं को नष्ट करती हैं। मन को उत्साहित करके नकारात्मक विचारों को भी ये रंग समाप्त कर देता है।

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