फंसे हिमाचलियों की घर वापसी अब जल्द ….
April 13th, 2020 | Post by :- | 320 Views

शिमला- कोरोना की जंग लड़ने के लिए हिमाचल सरकार ने 30 हजार रैपिड टेस्टिंग किट का डिमांड ऑर्डर भेजा है। इसके लिए सरकार लगातार आईसीएमआर के संपर्क में है। एंटी बॉडी टेस्टिंग किट के आने से हिमाचल के बाहरी प्रदेशों में फंसे लोगों की घर वापसी आसान हो जाएगी। प्रदेश में इस समय बॉर्डर एरिया में साढे़ तीन हजार लोगों को कर्फ्यू के दौरान रोककर कैंप में रखा गया है। इसके अलावा तीन हजार हिमाचलियों की प्रदेश से बाहर फंसे होने का आंकड़ा राज्य सरकार के पास दर्ज है। ऑन रिकॉर्ड सभी हिमाचली घर आने को बेताब हैं। इस कारण प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर रैपिड टेस्ट करने के लिए 30 हजार टेस्टिंग किट की मांग की है। एंटी बॉडी इस टेस्टिंग किट से मासिज़ टेस्ट करना आसान होंगे। यह किट फील्ड व भीड़ के टेस्ट लेने में सहायक सिद्ध होती है। इस कारण राज्य सरकार ने यह योजना बनाई है कि इस किट के माध्यम से कैंप में रखे साढे़ तीन हजार हिमाचलियों के टेस्ट लिए जाएंगे। इस टेस्ट से यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण है या नहीं। रैपिड टेस्ट में कोरोन के लक्षण दिखने पर उस व्यक्ति का तुरंत प्रभाव से कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसके विपरित रैपिड टेस्ट में स्वस्थ दिखने वाले व्यक्ति को घर भेज दिया जाएगा। सरकार को इन टेस्टिंग किट के आने का बेसब्री से इंतजार है। इसके बाद बाहरी राज्यों में फंसे हिमाचलियों के लिए घर वापसी का रास्ता खुल जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश के बॉर्डर एरिया में रैपिड टेस्ट से हर बाहर से आने वाले व्यक्ति का टेस्ट कर उसे घर भेजेगी।

डर इस बात का है

हिमाचल में लॉकडाउन दो सप्ताह के लिए बढ़ने की संभावना बन गई है। इसके चलते अपने ही प्रदेश में यहां से वहां फंसे 3518 लोगों की चिंता बढ़ गई है। यह वह आंकड़ा है, जो लोग लॉकडाउन के बाद बाहरी प्रदेशों से अपने घरों के लिए हिमाचल लौट रहे थे। इन्हें कर्फ्यू की सख्ती के चलते बॉर्डर पर रोक दिया गया था। हालांकि सरकार ने इनके रहने व खाने से लेकर इनके मनोरंजन के तमाम सारी व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन ये लोग घर जाना चाहते हैं। इस कारण भी इन 3518 लोगों को घर भेजने के लिए चिंतित है। इन लोगों को घर भेजने के लिए सरकार ने प्रयास तेज़ कर दिए हैं, लेकिन सबसे बड़ा खतरा यह है कि छोटी सी चूक से कहीं बड़ी कीमत न चुकानी पड़े।

जमातियों में दिख नहीं रहे लक्षण….

तबलीगी जमात के लोगों में कोरोना के अभी लक्षण दिख नहीं रहे हैं। सिर्फ टेस्ट करने पर पता चला है कि मरकज से लौटे जमातियों में कोरोना का संक्रमण है। यही वजह है कि बॉर्डर पर रोके गए लोगों को सरकार बिना मेडिकल जांच के घर भेजने की जल्दी में नहीं हैं। फंसे लोगों को घर भेजने के लिए जरूरी है कि इनका क्वारंटाइन सर्किल पीरियड भी पूरा हो।

जमाती की गलत सूचना से हड़कंप

रविवार को तबलीगी समाज से जुड़े एक जमाती के कोरोना टेस्ट की गलत सूचना ने हड़कंप मचा दिया। मुख्यमंत्री की वीडियों कॉन्फ्रेंस में एक जिला के डीसी ने भ्रामक सूचना दे डाली कि कोविड-19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए जमाती की पहले रिपोर्ट नेगेटिव थी। सच्चाई यह थी कि उस जमाती का शुक्रवार को पहली बार कोरोना का टेस्ट हुआ था और शनिवार को पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। बावजूद इसके जिला उपायुक्त ने सीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंस में यह गलत सूचना दे डाली कि उस व्यक्ति का पहले ही टेस्ट ले लिया था और उस दौरान रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। इस भंयकर चूक के चलते प्रदेश भर में हड़कंप मच गया और नेगेटिव रिपोर्ट वाले जमातियों की तलाश शुरू हो गई। कुछ घंटों बाद उपायुक्त ने अपनी सूचना को चूक करार देते हुए सरकार के समक्ष स्थिति स्पष्ट की कि पॉजिटिव पाए गए जमाती का एक बार ही सैंपल लिया गया है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।