एचआरटीसी की खस्ताहाल बसें पड़ सकती है लोगों की जान पर भारी
November 2nd, 2019 | Post by :- | 153 Views

हिमाचल पथ परिवहन निगम चंबा डिपो की खस्ताहाल बसें कभी भी लोगों की अनमोल जिंदगियों पर भारी पड़ सकती हैं। चंबा बेडे़ में शामिल एचआरटीसी की 141 बसों में से 48 बसों की मियाद पूरी होने के बाद भी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। एचआरटीसी अधिकारी द्वारा बार-बार नई बसों की डिमांड आलाधिकारियों से किए जाने के बाद भी अब तक चंबा डिपो को दरकिनार किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों की भी भारी कमी चल रही है। एचआरटीसी के चंबा डिपो से दस नई बसों की डिमांड कई बार एचआरटीसी के आलाधिकारियों को भेेजी गई है।
गौरतलब हो कि चंबा डिपो के तहत आते 164 रूटों में एचआरटीसी की 141 बसें सरपट दौड़ती हैं। एचआरटीसी की 141 बसों में से 25 बसें जीरो वेल्यू पूरी कर चुकी हैं। साथ ही 23 बसें नौ लाख किलोमीटर से ऊपर चल चुकी हैं। बावजूद इसके इन्हें भी सड़कों पर चलाया जा रहा है। वहीं चंबा डिपो में 39 बसें जेएनएनयूआरएम की हैं। जिसमें से कई बसें खराब पड़ी हुई हैं। इन बसों का सामान अभी तक चंबा डिपो नहीं पहुंचा है। जिले के कई रूटों पर अक्सर एचआरटीसी की बसें बीच रास्ते में ही हांफ रही हैं। जिले में नए मार्गों पर बस सेवा आरंभ करवाए जाने के फरमान भी एचआरटीसी के अधिकारियों की दिक्कतें बढ़ा रहे हैं। एचआरटीसी चंबा डिपो में 27 पीस मील वर्करों में से 6 बीमार हैं चल रहे हैं। इसके अलावा कारपेंटर के तीन पदों में से महज एक ही तैनात है, जबकि दो बीमार चले हुए हैं। कुछ इसी प्रकार का आलम, इलेक्ट्रीशियन पद का भी है। इलेक्ट्रीशियन के तीन पदों में से एक भरा हुआ है जबकि, दो इलेक्ट्रीशियन बीमार पड़े हुए हैं।
अधिकारी बना रहे यहां से तबादले का मन
चंबा डिपो के अधिकारी लंबे समय से नई बसों, सामान, कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने व अन्य प्रकार की मांगों को एचआरटीसी के आलाधिकारियों के समक्ष रखते आ रहे हैं। लंबे समय से चंबा डिपो की मांगों को दरकिनार ही किए जाने के बाद अब अधिकारी यहां से तबादले तक करवाने का मन बना रहे हैं।

नई बसों के लिए डिमांड भेजी : आरएम
आरएम चंबा सुभाष ने बताया कि चंबा डिपो में 141 बसें हैं। जिसमें से 25 बसें जीरो वेल्यू की हैं। साथ ही 23 बसें 9 लाख किलोमीटर से ऊपर चल चुकी हैं। नई बसों बारे कई बार आलाधिकारियों को डिमांड भेजी गई है। अभी तक इस दिशा में कोई भी सकारात्मक पग नहीं बढ़ाए जा सके हैं।

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