शिकंजा कसने की तैयारी: अब होमस्टे लीज पर दिए तो रद्द होगा लाइसेंस #news4
November 19th, 2021 | Post by :- | 102 Views

पर्यटन के लिए विख्यात हिमाचल प्रदेश में अब होम स्टे लीज पर नहीं ले सकेंगे। 2008 में बनी होम स्टे पॉलिसी के बाद सूबे में होम स्टे का विस्तार तेजी से हुआ है। जिला कुल्लू और जनजातीय क्षेत्र लाहौल में ही 1500 से अधिक होमस्टे हैं, जबकि सैकड़ों का निर्माण चल रहा है। होमस्टे संचालक होटल, कॉटेज और रेस्तरां की तर्ज पर होमस्टे लीज पर नहीं दे सकेंगे। पर्यटन विभाग ऐसे होमस्टे का लाइसेंस रद्द कर देगा।

जिले में दर्जनों लोगों ने होमस्टे लीज पर दे रखे हैं, जो होमस्टे पॉलिसी के खिलाफ है। इसका खुलासा पिछले सप्ताह बंजार घाटी में होमस्टे और रेस्टहाउसों का निरीक्षण करने गई पर्यटन विभाग की टीम ने किया है। होमस्टे लीज पर देने से सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। होमस्टे स्वयं चलाने के लिए बिजली और पानी का बिल भी घरेलू रेट पर मिलता है।

अब पर्यटन विभाग शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। जिले में ऐसे में कितने होमस्टे लीज पर चल रहे हैं, इसका डाटा जुटाया जा रहा है। जिला पर्यटन अधिकारी राजेश भंडारी ने कहा कि बंजार घाटी में कई होमस्टे का संचालन स्वयं मकान मालिक नहीं कर रहे हैं। उन्होंने होमस्टे बाहरी लोगों को लीज पर दिए हैं। यह होमस्टे पॉलिसी का उल्लंघन है। ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

कुल्लू-लाहौल में तेजी से हो रहा होमस्टे का विस्तार
जिला कुल्लू और जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में होमस्टे का विस्तार तेजी से हो रहा है। अब सरकार ने तीन कमरों की जगह चार कमरों को चलाने की अनुमति दी है। कुल्लू और लाहौल में डेढ़ हजार से अधिक होमस्टे चल रहे हैं। जिला कुल्लू के मनाली, मणिकर्ण, बंजार के जिभी, तीर्थन तथा बाह्य सराज में होमस्टे का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। अटल टनल रोहतांग खुलने के बाद लाहौल घाटी में होमस्टे पर फोकस किया जा रहा है। पिछले साल लाहौल में 500 से अधिक होमस्टे का पर्यटन विभाग ने पंजीकरण किया था।

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