अगर आप भी करते हैं एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन तो ये खबर आपके बड़े काम की है
January 4th, 2020 | Post by :- | 188 Views

पिछले साल आईजीआईएमएस में किडनी प्रत्यारोपित किए गए पांच युवाओं को यह पता नहीं था कि सर्दी, बुखार और घुटने के दर्द के लिए जो दवा खा रहे हैं, वे उनके जीवन पर ही भारी पड़ जाएगा। महज एक दवा इनके लिए इतना घातक साबित हुई कि किडनी खराब हो गयी और अंतत: उसे प्रत्यारोपित करना पड़ा।

किसी को मां, बहन ने तो किसी को पिता और भाई ने किडनी दान देकर जान बचाई है। केंद्र के सहयोग से आईजीआईएमएस में संचालित एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर में दवा के दुष्प्रभाव से संबंधित चार हजार मामले दर्ज हुए हैं। इनमें 70 फीसदी मामले ऐसे हैं, जिनमें बगैर डॉक्टर की सलाह से लोगों ने बाजार से दवा खरीद कर सेवन किया था। उसका शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ा।

दो दवाओं का दुष्प्रभाव अधिक रहा। आईजीआईएमएस में अब तक कुल 65 मरीजों की किडनी प्रत्यारोपित की गई है। उनमें से पांच ऐसे थे, जिनकी किडनी दवा के दुष्प्रभाव होने से खराब हुई। शेष 60 मरीजों की किडनी पर मधुमेह और ब्लडप्रेशर के कारण असर हुआ था।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि निमोस्लाइड व टेक्नोफिनाक का दुष्प्रभाव मरीजों पर अधिक हो रहा है, इसीलिए डॉक्टरों को इन्हें लिखने से परहेज करने की सलाह दी जा रही है।

एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सेंटर के डॉ. हरिहर दीक्षित का कहना है कि दवाओं के दुष्प्रभाव के चार हजार मामले दर्ज किए गए हैं। 2019 में 550 मामले दर्ज हुए।

अध्ययन में पाया गया है कि 70 प्रतिशत मामले ऐसे हैं, जिनमें लोगों ने बगैर डॉक्टर की सलाह की दर्द की दवाएं लीं। 30 प्रतिशत मामले ऐसे पाए गए हैं, जिनमें डॉक्टरों द्वारा लिखी गईं दवाओं के सेवन से दुष्प्रभाव हुआ है।

किडनी, लिवर, चेस्ट पर अधिक असर-
डॉ. हरिहर दीक्षित का कहना है कि दवाओं का दुष्प्रभाव किडनी, लिवर, चेस्ट और हृदय पर सबसे अधिक होता है। एंटीबायोटिक दवाओं का बेरोकटोक इस्तेमाल किया जा रहा है, जो भविष्य के लिए काफी खतरनाक है। हाल में नई एंटीबायोटिक दवाओं की खोज नहीं हुई। पुरानी दवाएं ही बाजार में बेची जा रही हैं। ऐसे में इन दवाओं का शरीर पर रेसिस्टेंस विकसित हो जाने से असर नहीं होता है। उलटे यह शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो रहे हैं।

आईजीआईएमएस-
-दवाओं के दुष्प्रभाव के 04 हजार मामले दर्ज किए गए हैं।
-दवाओं के दुष्प्रभाव से पांच को कराना पड़ा किडनी ट्रांसप्लांट
– 60 मरीजों की किडनी पर मधुमेह व ब्लडप्रेशर का असर।

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