बंजार में ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए पलायन करने को मजबूर। #news4
June 8th, 2022 | Post by :- | 154 Views

तीर्थन घाटी गुशैनी बंजार (परस राम भारती):- जिला कुल्लू उपमंडल बंजार के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बढ़ाने के सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे है। यहां के दूर दराज इलाकों में प्राथमिक शिक्षा की स्थिती चिंताजनक बनी हुई है। वास्तविकता यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या कम हो रही है। यहां के कई दूरदराज इलाकों में शिक्षा का अपर्याप्त ढांचा, अध्यापकों की कमी, पेयजल, शौचालय और खेल के मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां के बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता नजर आ रहा है। उपमंडल बंजार की सराज पंचायत में भी कुछ ऐसी ही स्थिती बनी हुई है। अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता में गांव से कस्बों या शहर की ओर पलायन कर रहे हैं

ग्राम पंचायत सराज के स्थानीय लोगों कर्म सिंह, रोहित दुमच, यशपाल, चमन लाल, जय सिंह, लालचंद, हेमराज, हुमदत्त और खुबे राम आदि का कहना है कि करीब 25 वर्ष पहले सरकार द्वारा यहां पर प्राइमरी स्कूल गशीनी को खोला गया है। इस समय भी यहां पर 28 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन वर्तमान में यहां पर एक भी अध्यापक स्थाई तौर पर नियुक्त नहीं है जो रेगुलर बच्चों को पढ़ा सके। लोगों ने बताया कि यहां डेपुटेशन पर अध्यापकों को भेजा जा रहा है जिस कारण बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। यहां के ग्रामिणों ने कई बार स्थानीय शासन प्रशासन से इस मुद्दे को उठाया लेकिन अभी तक इस समस्या का हल नहीं हुआ। जिस वजह से अभिभावक अपने बच्चों को बंजार कस्बे या कुल्लू शहर में पढ़ाने को मजबूर हैं।

लोगों ने बताया कि इनकी पंचायत के अल्वाह गांव का प्राइमरी स्कूल इस स्थिति के चलते हुए आज बंद होने के कगार पर पहुंच गया है जहां पर इस समय महज 7 छात्र पढ़ाई कर रहे है। अलवाह प्राइमरी स्कूल में इस बार मल्टी टास्क वर्कर के लिए भर्ती होनी थी लेकिन बच्चों की कमी के कारण यह पोस्ट भी बंद हो गई है। लोगों का कहना है कि अगर गाशीनी प्राइमरी स्कूल की दशा को सुधारा नहीं जाता है तो मजबूरन उन्हें भी अपने बच्चों को कहीं अन्य स्कूल में दाखिला लेना पड़ेगा।

उधर आम आदमी पार्टी कुल्लू के जिला सचिव तथा बंजार विधानसभा संगठन मंत्री नूतन सिंह ने गशीणी के ग्रामीणों के साथ मिलकर सरकार से मांग उठाई है कि सराज पंचायत के प्राइमरी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ किया जाए और अध्यापकों के रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जाए। अन्यथा सभी गांव वाले मिलकर सरकार के खिलाफ आने वाले समय में धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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