दिवाली पूजा में मानें वास्तु के ये नियम वरना रुठ जाएंगी मां लक्ष्मी
October 26th, 2019 | Post by :- | 142 Views

दिवाली पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सभी एक से बढ़कर एक प्रयत्न करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि वास्तु के नियमों को मां लक्ष्मी की पूजा के समय ध्यान देना चाहिए। इस बार दिवाली पूजन करें तो वास्तु  के इन नियमों का खास ध्यान रखें:

लक्ष्मी पूजन के लिए  कभी बड़ी प्रतिमा का उपयोग न करें, बल्कि इसके लिए छोटी प्रतिमा का प्रयोग करें। लक्ष्मी जी के साथ-साथ गणेश पूजा भी शुभ-लाभ के लिए होती है।
घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं। रंगोली के लिए आर्टिफिशियल रंगों का प्रयोग न करें। इनके बजाय हल्दी, आटा व रोली का प्रयोग करें।

पहले आम व अशोक के पत्तों से मुख्य द्वार पर बंदनवार बांधा जाता था। अब फूलों के अलावा रेडीमेड बंदनवार भी लगाए जाने लगे हैं।

मां लक्ष्मी के पदचिह्न मुख्य द्वार पर ऐसे लगाएं कि कदम बाहर से अंदर की ओर जाते हुए प्रतीत हों।

दरवाजे पर हल्दी व कुमकुम से स्वास्तिक बनाना भी शुभकारी है।

दिवाली के दिन घर में श्रीयंत्र की स्थापना करनी चाहिए और प्रतिदिन गाय के घी का दिया जलाकर इसकी पूजा करनी चाहिए। इससे भौतिक सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

श्री यंत्र की पूजा के लिए निम्न मंत्र का उच्चारण करें-

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:

दिवाली पर दीये अगर चार के गुणांक में लगाए जाएं तो इन्हें बहुत शुभ माना जाता है। जैसे- आठ, बारह, सोलह और बीस आदि।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।