हिमाचल में वाटसएप पर सरकारी दस्‍तावेज भेजने और गोपनीय बैठकों में स्‍मार्ट फोन पर रोक, पढ़ें नए निर्देश #news4
April 17th, 2022 | Post by :- | 119 Views

शिमला : केंद्र सरकार की ओर से सरकारी दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जारी किए गए इंटरनेट मीडिया पर दस्तावेजों को शेयर करने की मनाही के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने भी एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के तहत गोपनीय बैठकों में स्मार्ट फोन लाने पर रोक के साथ सरकारी दस्तावेजों को शेयर न करने को कहा गया है। इन दस्तावेजों को शेयर करने से भारत विरोधी तत्व इनका दुरुपयोग कर सकते हैं। इसके साथ ही गूगल मीट और जूमएप को वर्चुअल बैठकों के लिए प्रयोग न करने को कहा गया है। इसके स्थान पर सी डैक यानी डिपार्टमेंट आफ एडवांस कंप्यूटिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

गोपनीय सूचनाओं के लीक होने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब कोई भी गोपनीय सरकारी दस्तावेज वाट्सएप या टेलीग्राम जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर सांझा नहीं किए जा सकेंगे। सरकारी कामकाज की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए सरकार ने नए संशोधित दिशा निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा निर्देश खुफिया एजेंसियों ने मौजूदा व्यवस्था की खामियों की समीक्षा के बाद तैयार किए हैं।

सभी सरकारी अधिकारियों से कहा गया है कि वे गोपनीय सूचनाओं को वाट्सएप, टेलीग्राम इत्यादि पर साझा न करें। इन एप के सर्वर को विदेश में निजी कंपनियों द्वारा नियंत्रित किया जाता है, ऐसे में गोपनीय सूचनाओं का भारत विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग किया जा सकता है। अधिकारी संवाद के लिए सिर्फ ई-आफिस एप्लीकेशन का ही उपयोग करें। घर से काम करने के दौरान घरेलू सिस्टम नेशनल इनफार्मेटिक्स सेंटर यानी एनआइसी के वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के जरिये आफिस के नेटवर्क से जुड़े होने चाहिएं। मोबाइल पर गोपनीय सूचनाएं स्टोर नहीं करें। इन एप के सर्वर निजी कंपनियों के हाथों में होते हैं और इससे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने कहा अधिकारियों से गोपनीय या सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर होने वाली बैठकों में स्मार्टफोन या स्मार्ट वाच का उपयोग नहीं करने को कहा गया है। इसके अलावा अमेजन के एलेक्सा, एप्पल के होमपाड इत्यादि जैसे उपकरणों का उपयोग करने से भी मना किया गया है।

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