पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए जमातियों ने बोला झूठ, निजामुद्दीन से लौटे थे सातों; लॉकडाउन ने बचाया
April 3rd, 2020 | Post by :- | 164 Views

कोरोना वायरस पाॅजिटिव पाए गए मंडी के तीन जमाती अपने चार अन्य साथियोंं के साथ दिल्ली के निमाजुददीन मरकज में गए थे। दो दिन निजामुद्दीन में ही रुके थे। पहली मार्च को इनकी ड्यूटी शिव बिहार की खरक मस्जिद में लगी थी। सीएए व एनआरसी को लेकर दिल्ली में हिंसा भड़कने के बाद इन लोगों को खरक मस्जिद में रहने के निर्देश मिले थे। सभी लोग 40 दिन की जमात के लिए घर से निकले थे। 20 मार्च को इन्हें निजामुददीन से ऊना के अम्ब नकड़ोह मस्जिद में जाकर जमात लगाने के निर्देश मिले थे। 21 मार्च को यह लोग अम्ब पहुंचे थे।

तब्लीगी मरकज मामला सुर्खियों में आने के बाद पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अमीर नहीम अहमद ने नौ मार्च को बिलासपुर जिले के घुमारवीं में जमात के पहुंचने व निजामुददीन न जाने को लेकर झूठ बोला था। इसी मंशा से घुमारवीं मस्जिद में फर्जी एंट्री करवाई थी। पुलिस जांच में नहीम अहमद ने अब यह बात कबूल की है। नहीम अहमद का इस बार जमात लेकर सोमालिया जाने का कार्यक्रम था।

विदेश में जमात ले जाने के लिए कम से कम आठ जमाती जरूरी हाेते हैं। सभी शादीशुदा होने चाहिए। मगर नहीम अहमद आठ साथी नहीं तैयार कर पाया था। इससे सोमालिया नहीं जा सका था। सिर्फ तीन लोग ही जाने को तैयार थे। सोमालिया की जमात टूटने के बाद इन लोगों ने दिल्ली के निजामुद्दीन का रुख किया था।

जमात छोड़कर नहीं लाैटते घर चाहे किसी स्वजन की मौत क्यों न हो गई हो

जमात के साथ जो जमाती जाता है। जमात खत्म होने तक वह घर नहीं लौटता है। जितने दिन की जमात तय होती है, उस तय अवधि में जमाती के घर में चाहे कोई बड़ा हादसा या किसी स्वजन की मौत भी हो जाए, वह घर नहीं लौटता है।

लॉकडाउन नहीं होता तो स्वजनों का था जमातियों से अम्ब में जाकर मिलने का कार्यक्रम

प्रदेश में अगर लॉकडाउन नहीं होता तो जमातियों के स्वजनों का उनके साथ मिलने का ऊना जिले में अम्ब में कार्यक्रम तय था। वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद होने से स्वजनों का कार्यक्रम रद हो गया था। घर से निकलने के बाद कोई जमाती घर नहीं आया था।

नेरवा चंबा व मंडी से जाती हैं अकसर जमात

प्रदेश के शिमला जिले के नेरवा, चंबा व मंडी से जमात अकसर प्रदेश से बाहर अन्य राज्यों में जाती है। कौन जमात कहां जाएगी। यह बात जिला स्तर पर हर सोमवार काे होने वाले मरकज में तय होती है। इसकी सूचना बकायदा निजामुद्दीन मुख्यालय को भेजी जाती हैं। वहीं से फिर जमातियों का स्थान तय होता है। वहां पहुंचने पर इसकी सूचना जिला अमीर को देनी होती है। वहीं पुलिस थानों में जमातियों का पंजीकरण करवाता है।

जान, माल व वक्त जमात में जाने के लिए जरूरी

जमात में जाने के लिए व्यक्ति के पास तीन चीजें जान, माल व वक्त होना चाहिए। वही व्यक्ति जमात में जा सकता है। आने जाने का किराया व खाने का खर्च खुद वहन करना होता है।

 

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