अंतरराष्ट्रीय लवी मेला: 18 हजार रुपये किलो बिक रही गुच्छी, पांच हजार रुपये बढ़ गए दाम #news4
November 19th, 2022 | Post by :- | 78 Views

अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले में इस बार गुच्छी 18 हजार रुपये प्रति किलो बिक रही है। गुच्छी का इस्तेमाल कई जीवनरक्षक दवाओं और पांच सितारा होटलों में लजीज व्यंजन के तौर पर परोसा जाता है। पिछले साल किन्नौर में गुच्छी का दाम 12 हजार से 13 हजार रुपये प्रति किलो था, लेकिन इस बार उत्पादन कम होने से गुच्छी के दामों में पांच हजार रुपये की प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

ऊंचे क्षेत्रों में जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली गुच्छी में अनेक प्रकार के तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए लाभदायक हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में गुच्छी कई लोगों की आजीविका का मुख्य साधन भी है। हालांकि, इसको ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन मिल जाए तो अच्छी आमदनी हो जाती है। गुच्छी का अधिकतर कारोबार राज्य स्तरीय रोहडू़ मेले में होता है। इस मेले में सैकड़ों किलो गुच्छी की खरीद फरोख्त होती है।

विगत अप्रैल माह में आयोजित इस मेले में गुच्छी दस हजार रुपये प्रतिकिलो बिकी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में दाम इतने अधिक हैं कि कोई इसको खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। लवी मेला मैदान में किन्नौर मार्केट के कारोबारी पोवारी निवासी मालगिरी नेगी और अन्य व्यापारियों ने बताया कि गुच्छी के कई गुण हैं। उन्होंने कहा कि दाम अधिक होने से लोग अधिक गुच्छी तो नहीं खरीद रहे हैं, लेकिन कम मात्रा में खरीदारी जरूर करते हैं।

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