इंटर्नशिप (Internship) क्या होता है ? #news4
February 15th, 2022 | Post by :- | 294 Views

अगर आप जानना चाहते हैं इंटर्नशिप क्या है? क्यों जरूरी है? कैसे करें? इसके फायदे एवम नुकसान क्या है? तो इंटर्नशिप को बेहद सरल शब्दों में समझने के लिए आपको यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए। अगर आपका सपना एक अच्छी कम्पनी में नौकरी प्राप्त करना है, तो जाहिर सी बात है आप अपने कार्य क्षेत्र में माहिर बनना चाहते होंगे ताकि आपको अधिक मान सम्मान, पैसा और सुरक्षा मिले तो अगर हम आपसे कहें इस कड़ी में इंटर्नशिप (Internship) आपके लिए मूलभूत साबित होगी तो यह कहना ग़लत नहीं होगा। आइए सर्वप्रथम हम इंटर्नशिप के बारे में समझ लेते है |

इंटर्नशिप क्या है?

जब आप कॉलेज से कोई कोर्स पूरा करते हैं और उसके बाद आप यह चाहते हैं कि किसी भी प्रकार की नौकरी के लिए अप्लाई करने से पहले आप कार्यानुभव हासिल कर ले, तब आपको इंटर्नशिप करनी होती है। इंटर्नशिप करने के लिए आप किसी इंस्टिट्यूट में एडमिशन लेते हैं और वहां पर आप 6 महीने, 1 साल, 2 साल अथवा 3 साल की इंटर्नशिप करते हैं।

जब आपकी इंटर्नशिप पूरी हो जाती है तब इंस्टिट्यूट के द्वारा आपको इंटर्नशिप पूरी होने का एक सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, यह आपके तब बहुत ज्यादा काम आता है, जब आप किसी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के लिए जाते हैं, क्योंकि जिन लोगों के पास इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट होता है, उनका सिलेक्शन होने के चांस ज्यादा होते हैं।

इंटर्नशिप को हिंदी भाषा में “प्रशिक्षुता” कहा जाता है। अगर किसी विद्यार्थी ने एमबीए, बीबीए या फिर एमबीबीएस जैसा कोर्स किया है, तो उनके लिए इंटर्नशिप करना आवश्यक माना जाता है और यह तभी होता है, जब वह अपने कोर्स को पूरा कर लेते हैं या फिर कोर्स के आखिरी साल में होते हैं।

आपको जो इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट मिलता है, उसके अंदर नीचे दी गई इंफॉर्मेशन होती है।

• आपके बारे में पूरी जानकारी।

• आपने कौन से सब्जेक्ट में इंटर्नशिप की है उसकी जानकारी।

• आपने किस इंस्टिट्यूट से इंटर्नशिप की है उसकी जानकारी।

• आपने कितने साल इंटर्नशिप की है, उसकी जानकारी।

इंटर्नशिप के प्रकार क्या है?

यहां पर हम आपको यह बात स्पष्ट तौर पर कह देना चाहते हैं कि इंटर्नशिप के आपको कई प्रकार मिल जाते हैं परंतु मुख्य तौर पर 5 प्रकार की इंटर्नशिप पर ही गौर किया जाता है। उन सभी पांचों प्रकार की इंटर्नशिप की इंफॉर्मेशन नीचे आपको मेंसन की गई है।

1. वर्क रिसर्च

किसी कॉलेज में अपने ग्रेजुएशन के अंतिम साल में जो विद्यार्थी पहुंच जाते हैं, वही वर्क रिसर्च की इंटर्नशिप करते हैं। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को कंपनी या इंस्टिट्यूट के ऊपर ही रिसर्च करनी होती है और उसकी एक रिपोर्ट तैयार करनी होती है।

2. वर्चुअल इंटर्नशिप

कोरोनावायरस के कह‌र के दरमियान इस प्रकार की इंटर्नशिप लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रही है, क्योंकि इसे करने के लिए आपको मैदानी फील्ड में नहीं जाना पड़ता है, बल्कि आप इसे घर पर ही कर सकते हैं, जिसके लिए आपको लैपटॉप के साथ ही साथ इंटरनेट की आवश्यकता पड़ती है‌। इसके अलावा आपको 1 स्मार्टफोन की भी आवश्यकता पड़ती है।

3. Paid इंटर्नशिप

ऐसे लोग इस प्रकार की इंटर्नशिप को ज्यादा करते हैं जो काम का एक्सपीरियंस भी हासिल करना चाहते हैं साथ ही साथ वह यह चाहते हैं कि उन्हें काम सीखने के साथ ही पैसे भी मिले। सामान्य तौर पर देखा जाए तो जो बड़ी और प्राइवेट कंपनी होती है, वहीं इस प्रकार के इंटर्नशिप को ऑफर करती हैं। इसे करने पर व्यक्ति इंटर्नशिप भी कर लेता है और उसके खर्चे के लिए उसे आवश्यक पैसे भी मिल जाते हैं।

4. Unpaid इंटर्नशिप

पेड इंटर्नशिप की तुलना में आपको अनपेड इंटर्नशिप आसानी से करने को मिल जाती है, क्योंकि इसमें जिस इंस्टिट्यूट से आप इंटर्नशिप करते हैं वह आपको पैसे नहीं देती है। हां आपको काम का अच्छा एक्सपीरियंस वहां पर मिलता है और इंटर्नशिप पूरी कर लेने के बाद आपको इंस्टिट्यूट की तरफ से सर्टिफिकेट भी दिया जाता है, ताकि आप आगे चलकर के उस सर्टिफिकेट को अपने इस्तेमाल में ले सके। इस प्रकार की इंटर्नशिप आप यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल और कुछ एनजीओ में प्राप्त कर सकते हैं।

5. समर इंटर्नशिप

इस इंटर्नशिप के नाम के अंदर समर शब्द जुड़ा हुआ है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि गर्मियों के मौसम में ही इस प्रकार की इंटर्नशिप होती है। अधिकतर जो विद्यार्थी गर्मियों की छुट्टी में कुछ करना चाहते हैं वह समर इंटर्नशिप में पार्टिसिपेट करते हैं। समर इंटर्नशिप विद्यार्थियों को पार्ट टाइम भी ऑफर की जाती है और फुल टाइम भी ऑफर की जाती है और सामान्य तौर पर देखा जाए तो इसकी टाइमिंग या तो 1 महीने की होती है या फिर 1 महीने से लेकर के 3 महिने तक की होती है।

इंटर्नशिप कैसे करें?

अब हम आपको इंटर्नशिप करने का तरीका क्या है अथवा कैसे आप इंटर्नशिप कर सकते हैं। इसके बारे में जानकारी सांझा करेंगे।

1. यूनिवर्सिटी/कॉलेज की सहायता लें।

किसी नामी गिरामी कॉलेज में अगर आप कोई कोर्स कर रहे हैं, तो आपको इंटर्नशिप करने के लिए यहां-वहां भटकने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि बड़ी विश्वविद्यालयों के बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ टाइअप होते है, जो समय समय पर खुद ही इंटर्नशिप का आयोजन उस यूनिवर्सिटी में करती है। ऐसे में आपको बिना यहां-वहां भटके हुए अपनी यूनिवर्सिटी के द्वारा ही करवाए जाने वाले इंटर्नशिप प्रोग्राम में शामिल हो जाना पड़ता है।

इसमें शामिल होने के लिए आपको छोटा सा इंटरव्यू देना पड़ता है। अगर इंटरव्यू देने के बाद आप एलिजिबल पाए जाते हैं तो आपको यूनिवर्सिटी के द्वारा ही इंटर्नशिप करने का मौका मिलता है, जो 1 साल या फिर 2 साल का होता है। इसके अलावा बता दें कि अगर आप किसी छोटे-मोटे कॉलेज में पढ़ते हैं तो आप अपने कॉलेज के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल से कांटेक्ट कर सकते हैं और उनके जरिए इंटर्नशिप प्राप्त कर सकते हैं।

 2.  खुद से कोशिश करें।

यूनिवर्सिटी की तरफ से भी अगर आपको इंटर्नशिप करने का मौका नहीं मिल पा रहा है, तो ऐसी अवस्था में आपको निराश होने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आप खुद से भी हर उस संस्था या फिर इंस्टिट्यूट में इंटर्नशिप करने के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जो इंटर्नशिप ऑफर करती है। इसके लिए बस आपको यह पता करना होगा कि कौन सी कंपनी या फिर इंस्टिट्यूट इंटर्नशिप ऑफर करती है।

हो सकता है कि अगर आप खुद से ही यह करने में समक्ष ना हो, तो बता दें कि इसके लिए आप अपने किसी रिश्तेदार का साथ ले सकते हैं। थोड़ा सा खोजबीन करने पर अवश्य ही आपको कोई ना कोई यह बता देगा कि कौन सी कंपनी इंटर्नशिप करने का ऑफर करती है। ऐसे में आप वहां जाकर के अप्लाई कर सकते हैं।

3. ऑनलाइन इंटर्नशिप ढूंढे

आपने ऊपर का पॉइंट पढ़ा होगा, जहां पर हमने वर्चुअल इंटर्नशिप के बारे में जिक्र किया था जिसे घर पर रहकर ही किया जा सकता है। ऐसे में अगर आपको कहीं से भी इंटर्नशिप करने का मौका नहीं मिल पा रहा है, तो आप अगर थोड़ी सी मेहनत करते हैं तो आप घर से ही इंटर्नशिप कर सकते हैं। दरअसल ऐसी बहुत सारी वेबसाइट है, जो आपको घर से ही इंटर्नशिप ढूंढने का मौका देती है, जिनके नाम हमने आपको नीचे दिए हैं। इन वेबसाइट को विजिट करें और वर्चुअल इंटर्नशिप करने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करें।

• internshala.com

• in.linkedin.com

• stumagz.com

• glassdoor.co.in

• www.letsintern.com

इंटर्नशिप करने के फायदे क्या है?

काफी कम लोग यह जानते हैं कि इंटर्नशिप करने से उन्हें कई फायदे भी होते हैं। इसलिए हमने सोचा की क्यों ना आपको इंटर्नशिप करने के फायदे भी बता दिए जाएं। नीचे हमने उन सभी फायदों का जिक्र  आपके साथ किया है, जो इंटर्नशिप करने पर आपको मिल सकते हैं।

1: कार्य अनुभव

आप चाहे कहीं पर भी नौकरी लेने के लिए चले जाएं, अगर आपके पास कार्य अनुभव नहीं है तो शायद ही आपका नौकरी के लिए सिलेक्शन हो, क्योंकि कंपनी नौकरी करने के बदले में लोगों को पगार देती है। इसलिए वह चाहती है कि उसकी कंपनी में अच्छे से अच्छे लोगों का ही चयन हो और कंपनी में चयन करने के लिए कंपनी मुख्य तौर पर जिन लोगों के पास वर्क एक्सपीरियंस होता है उन्हें ही तवज्जो देती है। ऐसे में इंटर्नशिप किए हुए होने पर आपको नौकरी मिलने की संभावना ज्यादा होती है।

2: नया हुनर

जब आप इंटर्नशिप करना चालू करते हैं तब आपको धीरे-धीरे इस बात का एहसास होने लगता है कि वास्तव में आप के अंदर कौन सी कमियां है अथवा कौन सी कमजोरी है और आपकी ताकत क्या है, साथ ही साथ इंटर्नशिप करने के दरमियान आपको अपने सीनियर से उचित सुझाव भी मिलते हैं, जिसके कारण आप अपनी गलतियों के बारे में जानते हैं और उसे सुधार करके आप आगे बढ़ते हैं और नए हुनर तथा कौशल सीखते हैं। इस प्रकार धीरे-धीरे आप हुनरमंद बन जाते हैं।

3: पैसा मिलना

हमने आपको इंटर्नशिप के प्रकार में यह बताया था कि अगर आप पेड इंटर्नशिप करते हैं, तो आपको इंटर्नशिप करने का मौका तो मिलता ही है, साथ ही जिस इंस्टिट्यूट में आप इंटर्नशिप करते हैं, यहां पर दिए जाने वाले पैसे ज्यादा तो नहीं होते परंतु इतने अवश्य होते हैं कि आप अपने जेब खर्चे इसके जरिए निकाल सके।

4: नौकरी मिलने की ज्यादा संभावना।

कई बार ऐसा होता है कि कोई विद्यार्थी अगर इंटर्नशिप करने के दरमियान अच्छी परफॉर्मेस देता है तो इंटर्नशिप पूरी होने के बाद सुपरवाइजर के रेफरेंस से उसका सिलेक्शन उसी कंपनी में हो जाता है, जिस कंपनी में वह इंटर्नशिप करता है। इसके अलावा बता दे कि जब आप इंटर्नशिप पूरी कर लेते हैं, तब आपको एक सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह सर्टिफिकेट तब आपके बहुत ज्यादा काम आता है, जब आप किसी कंपनी में नौकरी पाने के लिए इंटरव्यू देने के लिए जाते हैं। इस सर्टिफिकेट को देख कर के ही इस बात की प्रबल संभावना होती है कि, कंपनी आपका सिलेक्शन नौकरी के लिए कर ले।

5: सेल्फ कॉन्फिडेंस का बढ़ना

इंटर्नशिप इसीलिए करवाया जाता है, ताकि विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल इंफॉर्मेशन मिल सके और उनके अंदर अगर कोई हुनर नहीं है, तो वह हुनर सीख सके और अगर कोई हुनर है तो उनके हुनर का और भी ज्यादा विकास हो सके। जब व्यक्ति के पास कोई हुनर आ जाता है, तो उसके अंदर ऑटोमेटिक आत्मविश्वास का लेवल ऊंचा चला जाता है, जो उसे किसी भी परिस्थितियों में डटकर खड़ा करने की हिम्मत देता है। यहां तक कि इंटर्नशिप का सर्टिफिकेट पाने के बाद उसे अंदर से यह लगता है कि हां वास्तव में मेरे पास कुछ है।

इंटर्नशिप के दौरान ध्यान रखने वाली बातें:-

नीचे हमने आपके लिए कुछ ऐसी बातों को शेयर किया है जो इंटर्नशिप करने के दरमियान आपको ध्यान रखनी है। यह बातें आपके काफी काम आ सकती है। इसलिए इन पर गौर करें।

1. पेशेवर व्यक्तित्व प्रदर्शित करें।

यह याद रखिए कि अब आप अपने कॉलेज में नहीं है बल्कि किसी ऐसे इंस्टिट्यूट में हैं जहां पर आपके चारों तरफ प्रोफेशनल लोग हैं। इसलिए आपको भी अपनी पर्सनैलिटी में प्रोफेलेजिम लाना पड़ेगा। कई विद्यार्थी ऐसे होते हैं, जो इंटर्नशिप को सिर्फ एक ट्रेनिंग के तौर पर देखते हैं। इसलिए वह अपना व्यवहार सही नहीं रखते हैं। ऐसा करना बिल्कुल गलत माना जाता है। इंटर्नशिप के दरमियान आपको नीचे दी गई बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

• अपशब्द ना बोले।

• टाइम मैनेजमेंट सही रखें।

• फॉर्मल ड्रेस पहने।

• लोगों के साथ प्यार से बर्ताव करें।

• ज्यादा शोरगुल ना करें।

• जो सिखाया जा रहा है, उसे सही प्रकार से समझने का प्रयास करे।

2. Work environment

यह बात तो आप जानते हैं कि हर कंपनी में काम करने का तरीका अलग होता है और कार्यक्षेत्र का माहौल भी अलग होता है। किसी भी कंपनी में आपको तरह तरह के लोग मिलते हैं। इसीलिए आपको लोगों के साथ कैसा व्यवहार करना है, इसकी समझ होनी चाहिए। इसके साथ ही साथ आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए कि आपको उस कंपनी में रहने पर कौन से प्रॉफिट हो सकते हैं और आप उस कंपनी को क्या दे सकते हैं।

3. जिम्मेदारी

कहा जाता है कि जिंदगी में वही आदमी सक्सेस होता है जो अपनी जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से समझ लेता है। जिम्मेदारी से हमारा मतलब है कि आपको यह पता होना चाहिए कि आपको कौन सा काम कितनी देर तक करना है और आपको किस प्रकार से काम करना है, ताकि आपके काम में कोई भी गड़बड़ी ना हो। इंटर्नशिप के दरमियान जिम्मेदारी को समझना इसलिए भी आवश्यक है कि, जब आप इसे पूरा करने के बाद कहीं नौकरी करने के लिए जाएंगे तब इंटरव्यू लेने वाले लोगों की टीम के द्वारा आपसे इंटर्नशिप के दरमियान आपने कौन सी जिम्मेदारी संभाली थी, इसके बारे में भी क्वेश्चन किए जाएंगे।

4: चीजों को याद रखें?

इंटर्नशिप के दरमियान आपको रोज नई प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिसके लिए आपको कई प्रकार की गाइडलाइंस का पालन करना होता है और हो सकता है कि इतनी सारी गाइडलाइंस होने के कारण आप कुछ बातें भूल जाए। इसलिए बातों को भूलने की जगह पर उसे याद रखने के लिए आपको नोट अवश्य बनाने चाहिए और उसमें सभी आवश्यक चीजों को आपको लिखना चाहिए, ताकि आप कुछ भी भूले। इसके अलावा बता दें कि इंटर्नशिप के दरमियान हो सकता है कि आपको कोई बात समझ में ना आए। ऐसे में आपको उससे संबंधित क्वेश्चन अपने सीनियर से अवश्य पूंछना चाहिए और पूरी तसल्ली कर लेनी चाहिए ताकि आपके मन में कोई शंका ना रहे।

5: मजबूत संपर्क

जब आप इंटर्नशिप करते हैं, तब आपके साथ अन्य कई लोग भी होते हैं। ऐसे में आपको करना यह होता है कि आपको उन लोगों के साथ अधिक से अधिक अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए। इससे फायदा यह होता है कि जब आप सभी की इंटर्नशिप खत्म हो जाती है, तब आप अलग-अलग कंपनी में नौकरी करने के लिए जाते हैं। ऐसे में हो सकता है कि अगर आपको किसी कंपनी में नौकरी ना मिल रही हो तो आपकी उसी इंटर्न दोस्त की वजह से आपको कहीं पर रेफरेंस के द्वारा नौकरी मिल जाए।

6. पैसा

अधिकांश लोग मुख्य तौर पर ऐसी कंपनी या फिर इंस्टिट्यूट ही ढूंढते हैं, जिसमें उन्हें इंटर्नशिप करने के बदले में पैसे मिले। ऐसे लोगों का मुख्य लक्ष्य पैसे कमाना ही होता है परंतु वह यह नहीं सोचते हैं कि अगर वह सही प्रकार से इंटर्नशिप कर लेते हैं तो आगे चलकर के यह उनके कैरियर के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा और उन्हें उन्होंने जो सैलरी सोची है, उससे भी ज्यादा सैलरी मिलेगी।

इस प्रकार आपको इंटर्नशिप करने के दरमियान पैसे पर ध्यान नहीं देना है बल्कि आपको ऐसे इंस्टिट्यूट का सिलेक्शन करना है, जहां पर अच्छे से इंटर्नशिप करवाई जाती हो और जिसका बैकग्राउंड इंटर्नशिप करवाने के मामले में अच्छा हो, ताकि आपको पूरा वर्क एक्सपीरियंस प्राप्त हो सके और आप के हुनर में बढ़ोतरी हो सके।

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