हो सकता है कि वायरस से लड़ी जा रही इस लंबी लड़ाई में केंद्र और राज्यों को कुछ ऐसा निर्णय लेना पड़े
April 24th, 2020 | Post by :- | 194 Views

कोरोना वायरस से लड़ाई लम्बी है ऐसे में , हो सकता है यह लड़ाई कुछ महीनों तक चले | हो सकता है अगले चार या पांच महीने भी छात्रों को स्कूल से दूर रखा जाये | क्यूंकि छात्रों को तो सबसे अंत में ही बहार निकाला जायेगा , जब देश या राज्य , इस महामारी की चिंता से मुक्त हो जाये | सवाल उठता है कि वर्ष के लगभग 10 महीने नियमित पढ़कर भी जो वार्षिक पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती थी , क्या वर्ष के बाकी बचे तीन या चार महीनों में वार्षिक पढ़ाई पूरी हो पायेगी ..?

अगर छात्रों पर इतनी पढ़ाई को इतने कम समय में पूरा करने का दवाव बनाया गया , तब इस सही तरीका नहीं होगा | उससे बेहतर है सरकारें एक साथ कुछ ऐसा निर्णय लें कि तमाम वार्षिक पढ़ाई एक वर्ष के लिए स्थगित हो |

यानी छात्र जिस कक्षा में आज हैं अगले वर्ष भी उसी कक्षा में रहेंगे | पढ़ाई के साथ उन्हें जोड़ने के लिए पिछले वर्ष की पढ़ाई पर भी जोर दिया जा सकेगा , क्यूंकि वह सब छात्रों ने कक्षा में सीखा हुआ होगा | या इंटरनेट के जरिये कुछ नया पढ़ाने की भी कोशिश की जा सकती है ,जैसा हर शिक्षण संस्थान कर ही रहा है |

ऐसे में छात्रों के शारीरिक उत्थान के लिए यह समय बेहद नाजुक है | छात्रों को शारीरिक रूप से मजबूत और स्वस्थ्य बनाने के लिए प्रयास होने चाहिए | वायरस के साथ हो रही इस लड़ाई ने यह तो सीखा ही दिया है कि हमें शारीरिक रूप से भी स्वस्थ होना जरूरी है ऐसे में अगर छात्रों को घर में रहकर उनके मानसिक और शारीरिक विकास बारे प्रयास किये जाएँ तो गलत नहीं होगा |

पूरे देश के छात्र अगर एक साथ पूरे वर्ष की शिक्षा को स्थगित करते हैं , तब कोई छात्र मानसिक कुंठा से भी ग्रषित नहीं होगा | लेकिन वर्ष भर की पढ़ाई को कुछ महीनों में पूरा करने के लिए ,अगर उनपर दवाव बनाया गया तो शायद बहुत से छात्र इसे मानसिक रूप से सहन न कर सकें |

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